मरीजों की जानकारी न देने वाले प्राइवेट अस्पताल होंगे सील

मरीजों की जानकारी न देने वाले प्राइवेट अस्पताल होंगे सील

ग्वालियर।कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मंगलवार को कलेक्टर कौशलेन्द्र सिंह ने इंसीडेंट कमाडर की बैठक ली। इस बैठक में श्री सिंह ने साफ निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित मरीज की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण गंभीर मरीजों का देर से अस्पताल पहुंचना है। यह बात सामने आई है कि ऐसे मरीज पहले निजी अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज कराते रहते हैं और जब स्थिति गंभीर हो जाती है तब वह सरकारी अस्पताल में पहुँचते हैं। इसलिए हर दिन स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर के माध्यम से निजी अस्पतालों में आए मरीजों के बारे में जानकारी प्राप्त करें, जो निजी अस्पताल यह जानकारी न दें उन्हें सील्ड करने की कार्रवाई की जाए। बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को भी होम आईसोलेशन की अनुमति कदापि न दी जाए। कोरोना संक्रमितों को हर हाल में सरकारी कोविड केयर सेंटर अथवा पेड आईसोलेशन सेंटर में भिजवाएं। विशेष परिस्थिति में होम आईसोलेशन की अनुमति देने के लिये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा को अधिकृत किया गया है। अत्यंत आवश्यक होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा लिखित में वाजिब कारण बताए जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा होम आईसोलेशन की अनुमति दी जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा शहर में पूर्व से संचालित निजी कोविड सेंटर के साथ-साथ पेड होम आईसोलेशन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल गोले का मंदिर के समीप स्थित होटल सुरूचि को पेड होम आईसोलेशन सेंटर के रूप में अधिकृत किया गया है। आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिये अब मोतीमहल स्थित स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर पर 24 घंटे पांच एंबुलेंस मय आॅक्सीजन सुविधा के मौजूद रहेंगीं।