सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान योग में आज सुबह 9.30 बजे से रात तक बंधेगी राखी

सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान योग में आज सुबह 9.30 बजे से रात तक बंधेगी राखी

भोपाल/जबलपुर। भाई-बहन के प्रेम उत्सव का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन का पर्व तीन अगस्त को कई शुभ संयोगों में मनाया जाएगा। इस बार श्रावणी पूर्णिमा के साथ श्रावण नक्षत्र भी होने से शुभता बढ़ जाती है। श्रावणी नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। सावन के आखिरी सोमवार यानी 3 अगस्त को रक्षाबंधन मनेगा। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि रक्षाबंधन इस बार बेहद खास होगा, क्योंकि सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संयोग बन रहा है। रक्षाबंधन पर 29 साल बाद ऐसा शुभ संयोग आया है। साथ ही भद्रा और ग्रहण भी नहीं पड़ रहा है। यह बन रहे योग : इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीघार्यु आयुष्मान योग के साथ सूर्य शनि के समसप्तक, सोमवती पूर्णिमा, मकर का चंद्रमा श्रवण नक्षत्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति योग बन रहा है। इसके पहले यह संयोग 1991 में बना था। इस संयोग को कृषि क्षेत्र के लिए विशेष फलदाई माना जा रहा है। सोमवार को भद्रा सुबह 9.29 बजे तक है। राखी का त्योहार सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा। दोपहर में 1.35 बजे से शाम 4.35 बजे तक बहुत ही अच्छा समय है। वहीं, शाम को 7.30 से रात 9.30 बजे तक मुहूर्त है। वैदिक राखी बनाएं : वैदिक राखी बनाने के लिए छोटा-सा ऊनी, सूती या रेशमी पीले कपड़े के टुकड़े में दूर्वा,अक्षत, केसर-हल्दी,शुद्ध चंदन, सरसों के साबूत दाने बांधकर सिल दें। फिर कलावे से जोड़कर राखी बनाएं। सामर्थ्य हो तो स्वर्ण भी इसमें डाल सकते हैं।