रणजी ट्रॉफी : 88 साल में मप्र पहली बार चैंपियन 41 बार की विजेता मुंबई को छह विकेट से हराया

रणजी ट्रॉफी : 88 साल में मप्र पहली बार चैंपियन 41 बार की विजेता मुंबई को छह विकेट से हराया

मप्र की टीम ने 41 बार की विजेता मुंबई को 6 विकेट से हराकर रणजी ट्रॉफी अपने नाम कर ली। 88 साल के रणजी इतिहास में यह पहला मौका है, जब मप्र की टीम ने ये कमाल कर दिखाया। मैदान में कोच चंद्रकांत पंडित की मेहनत और खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन दिखा। मप्र टीम रणजी की विजेता बनने वाली 20वीं टीम है। बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी में खेले गए फाइनल मैच में मप्र के सामने चौथी पारी में 108 रन का लक्ष्य था। मप्र ने इसे चार विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।

मैन ऑफ द मैच

पहली बार हम जीते हैं और यह बहुत अच्छा अहसास है। मैंने पहली पारी से बहुत कुछ सीखा। चंद्रकांत सर ने भी मुझसे बात की। मैं हर खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सौभाग्य से फाइनल में सर्वश्रेष्ठ निकला।शुभम शर्मा 116+30

ग्राउंड पर रो पड़े मप्र टीम के टफ कोच

एमपी टीम के कोच चंद्रकांत पंडित कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर इसी मैदान पर पहली बार (1999) राज्य को ट्रॉफी जीतने के बहुत करीब लाकर भी चूक गए थे। रविवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम में जब एमपी की टीम जीती तो पंडित पूरी टीम के साथ पिच में जा पहुंचे। उनकी आंखों में पहली बार आंसू दिखे। वे कहते रहे हैं कि मैदान पर आंसू नहीं, पसीना बहाने की जरूरत है। वे टीम के से स्कूल के हेडमास्ट की तरह व्यवहार करते हैं। खेल मैदान में उतरने से पहले ही सभी खिलाड़ियों का मोबाइल रखवा लेते हैं।

यह जीत सिर्फ टीम की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता की जीत है। इस अहम मैच में शतक लगाने वाले यश दुबे, शुभम शर्मा और रजत पाटीदार सहित पूरी टीम और कोच चंद्रकांत पंडित को शानदार प्रदर्शन के लिए दिल से बधाई। - शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

टीम को 2 करोड़ रुपए देगा एमपीसीए : खांडेकर

मप्र की जीत पर मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने टीम को 2 करोड़ रुपए और सपोर्ट स्टाफ को 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1956 में मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के गठन के बाद यह पहला मौका है जब टीम ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खांडेकर ने कहा कि चंद्रकांत पंडित को मप्र क्रिकेट टीम का कोच बनाए जाने का जो निर्णय लिया था, उसे पंडित ने सही साबित किया।