टैक्स पेयर्स को राहत, आयकर ने तीन माह में लौटाया 2,222 करोड़ का रिफंड

टैक्स पेयर्स को राहत, आयकर ने तीन माह में लौटाया 2,222 करोड़ का रिफंड

भोपाल । कोरोना काल के आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे मप्र-छग के कारोबारियों और आम टैक्स पैयर्स को राहत देने के लिए आयकर विभाग ने तीन महीने के दौरान 2,221 करोड़ 90 लाख रुपए का रिफंड लौटाया है। पिछले साल में इसी अवधि की तुलना में यह 161 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष के मप्र-छग ने पहली तिमाही में (अप्रैल, मई और जून) में 2,680 करोड़ रुपए का टैक्स कलेक्शन किया गया, जबकि उसे पूरे वित्तीय वर्ष में 30,438 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त भोपाल (मप्र-छग) अजय कुमार चौहान ने आयकर विभाग के 160 वें स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को पत्रकारों से चर्चा में बताया कि देश भर में इनकम टैक्स कलेक्शन 6 फीसदी कम हुआ है। ऐसे समय में मप्र-छग के टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ 2.57 फीसदी रही है, जबकि अन्य राज्य पीछे चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 23,724 करोड़ टैक्स कलेक्शन किया है। इस अवधि का नेट कलेक्शन 20,680 करोड़ रुपए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीने में जितने की रिफंड के डयू थे, सभी प्रकरणों का निराकरण करते हुए रिफंड वापस कर दिया गया है।

 दो आयकर केंद्र शुरू 

आयकर विभाग ने दो आयकर सेवा केंद्र (आस्क) मुरैना और बालाघाट में शुरू किए हैं। यहां टैक्स पैयर्स अपने समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 37 हो गई है।

विवाद  से विश्वास योजना में आए 1445 आवेदन 

इस योजना के तहत विभाग को दोनों राज्यों से 1445 आवेदन आए हैं। इसकी प्रोसेस चल रही है। कोरोना काल के कारण यह योजना 31 मार्च से बढ़ाकर दिसंबर की गई है। इसमें लंबित प्रकरणों में एकमुश्त 50 फीसदी टैक्स जमा करने पर पुराने व विवादास्पद प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। 

 प्यारे मियां, वाधवानी सहित अन्य टैक्स चोरी करने वालों की जांच शुरू

डीजीजीआई और पुलिस जांच के जद में आए प्यारे मियां, किशोर वाधवानी और किशोर वाधवानी सहित अन्य कारोबारियों के खिलाफ आयकर विभाग ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पुलिस, डीजीजीआई और अन्य जांच एजेंसियों के दस्तावेज और पंचनामा मंगाने के लिए आयकर विभाग की इंवेस्टीगेशन विंग ने पत्र जारी कर दिए गए हैं। चौहान ने किसी का नाम लिए बगैर बताया कि टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान जारी रहेगा।

 आयकर संग्रहालय में दिग्विजय के पिता से जुड़ा अपील आदेश भी शामिल 

पीसीसीआईटी चौहान ने ऑनलाइन  प्लेटफार्म पर आयकर संग्रहालय का शुभारंभ किया। इसमें ब्रिटिश काल से लेकर अब तक के दस्तावेज रखे हैं, जिनमें आयकर विभाग 1922 का एक्ट, आदेश, डाक्यूमेंट, अपील, नोटिस सहित अन्य डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं। ये सभी मप्र और छग से जुडे हैं। इसमें 30 मार्च 1961 का एक अपील आदेश राघौगढ़ के राजा बलवद्र सिंह का भी है। यह असेसमेंट वर्ष 1951-52 का है। वे राज्यसभा सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पिता है।

टारगेट अचीव करना मुश्किल

जो रिफंड दिया है, वह स्वागत योग्य कदम है। पुराने प्रकरणों का निराकरण किया गया है। सीबीडीटी ने साल भर का जो टारगेट दिया है, उसे अचीव करना मुश्किल है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के चार महीने भी निकल चुके हैं और जो टैक्स कलेक्शन हुआ है, वह बहुत कम है। असल में अधिकतर लॉक डाउन के कारण कारोबारियों का कारोबार और प्राफिट कम होगा। कोरोना ने लोगों और कंपनियों में बचत की आदत डाल दी है। राजेश जैन, सीनियर चार्टर्ड एकाउंटेंट, भोपाल