रिसर्च में दावा- महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा घेरता है सोशल आइसोलेशन

रिसर्च में दावा- महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा घेरता है सोशल आइसोलेशन

न्यूयॉर्क। हेल्थ एंड सोशल बिहेवियर जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार लड़कियों एवं महिलाओं की तुलना में लड़कों एवं पुरुषों को सोशल आइसोलेशन यानी सामाजिक अकेलापन अधिक महसूस होता है। इस अंतर के अलावा यह ऐसे लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है जो अविवाहित या ऐसे व्यक्ति हैं जिनके रिश्तों का इतिहास बाधाओं से भरा हो। दोनों ही लिंगों मे किशोरावस्था से लेकर आगे के जीवन में सोशल आइसोलेशन बढ़ता जाता है।

21 हजार से अधिक लोगों पर किया गया सर्वे

वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन में दो अध्ययनों एड हेल्थ तथा हेल्थ एवं रिटायरमेंट स्टडी (एचआरएस) के आंकड़ों का उपयोग किया गया। एड हेल्थ ने अमेरिका में वर्ष 1994-95 के दौरान सातवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के किशोरों पर निगरानी रखी तथा वर्ष 1995 एवं 2018 के बीच उनके पांच इंटरव्यू लिए गए। वहीं एचआरएस एक द्विवार्षिक सर्वेक्षण है जोकि वर्ष 1992 से शुरू किया गया है। इस सर्वे में वे वयस्क तथा उनके जीवनसाभी भी शामिल होते हैं जिनका जन्म 1931 से 1941 के बीच हुआ हो। इस अध्ययन में हर 6 वर्ष में उन वयस्कों के समूह को जोड़ा गया जिनकी उम्र 50 से 55 वर्ष हो। इस प्रकार अध्ययन में कुल 12,885 महिलाओं तथा 9,271 पुरुषों को शामिल किया गया।

खराब सेहत और मौत के लिए भी जिम्मेदार

सोशल आइसोलेशन वह अवस्था होती है जिसमें किसी इंसान के दूसरे लोगों के साथ सामाजिक रिश्ते सीमित होते हैं। शोध में डेब्रा अंबर्सन ने दो प्रश्नों का जवाब तलाशने की कोशिश की। पहला यह कि क्या सोशल आइसोलेशन महिलाओं एवं पुरुषों में अलग-अलग होता है तथा किशोरावस्था से लेकर आगे की उम्र में इसमें कैसा प्रभाव पड़ता है। दूसरा क्या वैवाहिक स्थिति या जीवनसाथी से संबंधों का क्या असर पड़ता है।

युवावस्था में पुरुष, वृद्धावस्था में महिलाएं होती हैं ज्यादा पीड़ित

आंकड़ों के विश्लेषण से यह खुलासा हुआ कि युवावस्था में महिलाओं की तुलना में पुरुष अकेलेपन के अधिक शिकार होते हैं। वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाएं वृद्धावस्था में इस समस्या की अधिक शिकार होती हैं। यदि सभी आयु समूहों की बात करें तो महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सामाजिक अकेलेपन का स्तर अधिक होता है। यदि वैवाहिक स्थिति तथा जीवनसाथी के साथ संबंधों के इतिहास पर गौर करें तो रिसर्चर्स ने यह पाया कि 18 से 42 वर्ष की आयु वाली महिलाओं एवं पुरुषों दोनों में सामाजिक अकेलेपन का पैटर्न एक जैसा होता है तथा विवाहित होने का इससे संबंध नहीं होता है। लेकिन वैवाहिक स्थिति के इतिहास के आधार पर सामाजिक अकेलेपन का पैटर्न अलग- अलग होता है। अध्ययन में पाया गया कि 25 वर्ष की उम्र के विवाहित लोग अविवाहित या विवादित वैवाहिक संबंध वाले लोगों की तुलना में सामाजिक अकेलेपन से अधिक पीड़ित थे।