आरटीआई में खुलासा- जितने छोटे नोट, उतनी लागत ज्यादा

आरटीआई में खुलासा- जितने छोटे नोट, उतनी लागत ज्यादा

नई दिल्ली। हाल ही में रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई में खुलासा किया है कि 500 रुपए के नोट से ज्यादा खर्च 200 रुपए के नोट की छपाई पर करना पड़ता है। इसी तरह 10 रुपए के नोट की छपाई की लागत 20 रुपए के नोट से ज्यादा है। नोटों की छपाई की लागत के ये आंकड़े एक आरटीआई में सामने आए हैं। आरबीआई के लिए नोटों की छपाई करने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण लिमिटेड (बीआरबीएनएमएल) ने एक आरटीआई के जवाब में छपाई की लागत की जानकारी दी है। आंकड़ों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में आरबीआई को 10 रुपए के हजार नोट की छपाई के लिए 960 रुपए देने पड़े, जबकि 20 रुपए के हजार नोट 950 रुपये में ही छप गए। इसी तरह 500 रुपए के हजार नोट छापने में 2,290 रुपये की लागत आई, जबकि 200 रुपये के इतने नोटों की छपाई के लिए 2,370 रुपये देने पड़े। हालांकि 2000 रुपए के नोटों की छपाई के आंकड़े 2018-19 के बाद से उपलब्ध नहीं हैं।

चार शहरों में छपते हैं नोट

भारत में नोटों की छपाई का काम चार प्रेस में होता है। इनमें से दो प्रेस आरबीआई की सब्सिडियरी बीआरबीएनएमएल के हैं, जो मैसुरू और सालबोनी में स्थित हैं। वहीं दो अन्य प्रेस भारत सरकार के हैं, जो नासिक और देवास में हैं।

2 हजार के नोट हो गए हैं गायब

साल 2017 से लेकर 2018 तक 2000 हजार नोट एटीएम और बैंक दोनों से निकल रहे थे, लेकिन 2018 के बाद से यह नोट कम दिखने लगए। आरबीआई के आंकड़ों की मानें तो देश में 2000 के नोट सबसे ज्यादा चलन में 2017-18 के दौरान रहे। इस दौरान बाजार में 2000 के 33,630 लाख नोट चलन में थे। इसका कुल मूल्य 6.72 लाख रुपये लगया गया था। बाजार से लगभग 3 लाख करोड़ रुपए के 2000 के नोट चलन से बाहर हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि ऊंचे मूल्य के कारण 2000 के नोट कालेधन के रूप में जमा किए जा रहे हैं।