जनवरी से बिना हॉलमार्क के जेवर बेचना होगा गैरकानूनी

जनवरी से बिना हॉलमार्क के जेवर बेचना होगा गैरकानूनी

भोपाल। भारतीय मानक ब्यूरो अब मध्यप्रदेश में हॉलमार्क की अनिवार्यता को लेकर विशेष मुहिम शरू करेगा। देश में 15 जनवरी 2021 से बिना हॉलमार्क के आभूषण बेचना गैरकानूनी हो जाएगा। इसलिए ब्यूरो अब सराफा कारोबारियों को वर्चुअल बैठकों से हॉलमार्क लाइसेंस के लिए कहेगा। प्रदेश के 52 जिलों में अभी महज 600 लाइसेंसधारी हैं, जबकि ज्वेलर्स की संख्या हजारों में हैं। अगले पांच महीने कारोबारियों को समझाइश दी जाएगी। सराफा कारोबारी इसे जल्दबाजी में लागू किया जाना बता रहे हैं तो ब्यूरो का कहना है कि पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अब से ठीक पांच महीने बाद बिना हॉलमार्क लाइसेंस के आभूषण बेचने पर दो लाख रूपए जुर्माना और एक साल की जेल का प्रावधान बताया जा रहा है। जुर्माना की राशि दो लाख से लेकर आभूषणों की कीमत की पांच गुना राशि के बराबर भी हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री कर चुके हैं ऐलान

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने बीती जनवरी के अंतिम सप्ताह में ही यह एलान कर दिया था कि जनवरी 2021 से यह सभी आभूषणों पर हॉलमार्क की सील जरूरी कर दी जाएगी। इसके बाद सराफा कारोबारियों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। कारोबारियों की आपत्ति है कि इतने कम समय में पूरा स्टॉक क्लियर कर उसमें हॉलमार्क की सील लगाना आसान नहीं है। इसके लिए कम से कम सालभर की मोहलत मिले।

हॉलमार्क की सील बताएगी सोने की शुद्धता

भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा आभूषणों पर हॉलमार्क का निशान लगाने के लिए टर्नओवर के हिसाब से पांच साल के लिए लाइसेंस फीस तय की है। इसके प्रावधान के अनुसार वार्षिक टर्नओवर पांच करोड़ रूपए है तो पांच साल के लिए हॉलमार्क लाइसेंस फीस 7500 रूपए होगी। 5 से 25 करोड़ रूपए पर 15 हजार रूपए, 25 से 100 करोड़ रूपए का टर्नओवर होनेपर 40 हजार रूपए फीस लगेगी। टर्नओवर 100 करोड़ से अधिक होने पर लाइसेंस फीस 80 हजार रूपए होगी।