शिंदे की सरकार, देवेंद्र खेवनहार

शिंदे की सरकार, देवेंद्र खेवनहार

मुंबई। महाराष्ट्र के पॉलिटिकल ड्रामे के 11वें दिन एकनाथ शिंदे ने राज्य के 20वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके साथ देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बुधवार रात उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद से माना जा रहा था कि देवेंद्र फडणवीस राज्य के नए सीएम होंगे, लेकिन आखिरी समय पर हुए बदलाव ने सभी को चौंका दिया। मुंबई में फडणवीस ने शिंदे को सीएम बनने का ऐलान किया और कहा कि वे अकेले शपथ लेंगे, भाजपा उनका समर्थन करेगी, लेकिन मैं सरकार से बाहर रहूंगा। फडणवीस की घोषणा के बाद भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय हुआ। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि फडणवीस ने बड़ा दिल दिखाया है। अब उन्हें डिप्टी सीएम का पद स्वीकार करना चाहिए। इसके बाद अमित शाह ने कहा कि फडणवीस सरकार में शामिल होने के लिए मान गए हैं। दबाव के बाद फडणवीस ने ट्वीट किया- एक कार्यकर्ता के नाते पार्टी के आदेश का मैं पालन करता हूं। जिस पार्टी ने मुझे सर्वोच्च पद तक पहुंचाया, उसका आदेश मेरे लिए सर्वोपरि है।

फडणवीस की न के बाद सक्रिय हुआ हाईकमान, जेपी नड्डा बोले-केंद्रीय नेतृत्व का निर्देश मानें

फडणवीस के सरकार में शामिल नहीं होने की घोषणा के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मीडिया के सामने आए और फडणवीस को बड़े दिल वाला नेता बताया। उन्होंने फडणवीस से गुजारिश की कि वे नई सरकार में शामिल हों और डिप्टी सीएम की कुर्सी संभालें। केंद्रीय नेतृत्व का भी ये निर्देश है।

देवेंद्र फडणवीस जी को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने पर बधाई। वह हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा हैं। उनका अनुभव और विशेषज्ञता सरकार के लिए एक संपत्ति होगी। मुझे विश्वास है कि वह महाराष्ट्र के विकास पथ को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी

बड़ा दिल दिखाया : शिंदे

शिंदे ने कहा - बाला साहेब के हिंदुत्व और राज्य के विकास के एजेंडे के साथ हम साथ आए हैं। इसमें किसी का कोई स्वार्थ नहीं है। बड़ी पार्टी होते हुए भी बीजेपी ने मुझे मौका दिया। देवेंद्र जी ने बड़ा दिल दिखाया। इसके लिए देवेंद्र जी का शुक्रगुजार हूं।

यह शर्मनाक : कांग्रेस

कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, वो भारत जैसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। मोदी-शाह के नेतृत्व में भाजपा किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहती है। वे चाहते हैं कि या तो सत्ता उनके पास रहे या कुर्सी की डोर उनके हाथों में हो।

शिंदे ही क्यों

सत्ता का लालच नहीं

इस तख्तापलट के बाद फडणवीस को सीएम ना बनाकर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि सत्ता के लालच में उद्धव की सरकार नहीं गिराई गई है।

आरोपों से बचने की कोशिश

महाविकास अघाड़ी भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रही थी। लेकिन, इस एक बदलाव ने आरोपों को नकारने का मौका भाजपा को दिया।

हिंदुत्व के लिए बदलाव

भाजपा संदेश देने की कोशिश करेगी कि उसने शिवसेना की सरकार गिराई नहीं है, बल्कि हिंदुत्व और बाला साहब के एजेंडे पर चलने वाले लोगों को आगे किया।

शिवसेना के लिए मुश्किल

शिंदे को सीएम बनाने के फैसले ने उद्धव ठाकरे के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। अब भाजपा उद्धव को शिवसेना से अलग-थलग करने की कोशिश कर सकती है।

पिछला कड़वा सबक

देवेंद्र फडणवीस ने साल 2019 में एनसीपी के अजित पवार की मदद से सरकार बनाई थी, लेकिन वह कुछ घंटों में ही गिर गई। भाजपा यह फिर से दोहराना नहीं चाहती थी।

आगे क्या

2 जुलाई को बहुमत साबित करेंगे शिंदे

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शनिवार (2 जुलाई) को बहुमत साबित करने के लिए कहा है। इसके साथ ही 2 और 3 जुलाई को राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया गया है। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होगा। नाना पटोले के इस्तीफे के बाद से स्पीकर का पद खाली है।

कैबिनेट की पहली बैठक

पहले फडणवीस ने कहा था, मैं समंदर हूं...बाद में ट्रोल हुए

एमवीए की सरकार गिरने पर पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। यह वीडियो महाराष्ट्र विस का था। इस वीडियो में देवेंद्र फडणवीस एक शेर पढ़ रहे हैं। वह कह रह थे ‘मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना, मैं समंदर हूं लौटकर वापस आऊंगा।’ गुरुवार को जब शिंदे ने सीएम पद की शपथ ली तो फडणवीस जमकर ट्रोल हुए। उनकी लड्डू खाते फोटो पर लोगों ने कहा-लड्डू का असली मजा तो शिंदे ने उठाया। उनके शेर पर भी सोशल मीडिया पर जमकर कमेंट्स हुए।