विद्यार्थी देश सेवा का जज्बा रखें : धनोवा

विद्यार्थी देश सेवा का जज्बा रखें : धनोवा

इंदौर। डेली कॉलेज में शुक्रवार को राउंड स्क्वॉयर कॉन्फ्रेंस की शुरुआत गीत और नृत्य के संयोजन के साथ हुई। इस कॉन्फ्रेंस की थीम है- डेमोक्रेसी। इसी थीम पर आधारित संगीत संरचना के माध्यम से डेली कॉलेज के विद्यार्थियों ने मजबूत गणतंत्र के तत्वों को बयां किया तथा उसकी जरूरत को रेखांकित किया। प्राचार्या डॉ. गुनमीत बिन्द्रा ने इस बात को रेखांकित करते हुए कहा कि इस आयोजन में विद्यार्थी ही सारी व्यवस्था संभालेंगे। टीचर्स नेपथ्य में रहकर हर गतिविधि पर नजर रखेंगे तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।

मुख्य अतिथि पूर्व एयर चीफ मार्शल बीरेंदर सिंह धनोवा ने राउंड स्क्वॉयर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया तथा अपने वक्तव्य में लोकतंत्र के महत्व और मजबूत लोकतंत्र की बाराकियों को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई को अत्यंत गंभीरता से लेने और अपने लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लेने और देखे गए सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के साथ हुई भारत की लड़ाइयों का जिक्र करते हुए बताया कि हमारे सैनिकों ने किस तरह इन युद्धों में अपने देश की सुरक्षा के नाते अपनी जान हथेली पर रखकर अपने पराक्रम के बल पर देश की शान को अक्षुण्ण रखा। धनोवा के आकर्षक और प्रेरक वक्तव्य के बाद विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल पूछे जिनका समुचित उत्तर दिया गया। श्री धनोवा ने आह्वान किया विद्यार्थी देश की सेवा के लिए सेना में अवश्य जाएं और विशेष रूप में एयरफोर्स में शामिल होकर एक चुनौतीपूर्ण जीवन जियें और देश की सेवा करें।

सांस्कृतिक मेले का आयोजन

उद्घाटन समारोह के पश्चात प्रतिभागियों के विचार-विमर्श के सत्र आयोजित किए गए तथा भोजन के बाद विद्यार्थियों के लिए विभिन्न कलाओं की कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और डोकरा आर्ट, गोंड आर्ट, ब्लॉक प्रिंटिंग टेपेस्ट्री, मांडना, ग्रैफिटी स्प्रे पेंट तथा टाई एंड डाई की बारीकियों को समझा। शाम को एक सांस्कृतिक मेले का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय व्यंजन तथा खो-खो, सितौलिया, लट्टू जैसे भारतीय खेल भी आयोजित किए गए। विभिन्न प्रकार की शारीरिक व मानसिक चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों ने भी इस मेले का लुत्फ लिया। कल प्रतिभागी मांडू के इतिहास और उसके स्थापत्य के सौंदर्य से बावस्ता होने के लिए मांडू की सैर पर जाएंगे।