हर दिन की 10 से 12 घंटे पढ़ाई तब मिली पसंद की ब्रांच वाली एआईआर

हर दिन की 10 से 12 घंटे पढ़ाई तब मिली पसंद की ब्रांच वाली एआईआर

जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) एडवांस का परिणाम आईईटी मुंबई द्वारा रविवार को जारी किया गया जिसमें 384 वीं रैंक के साथ ध्रुव अग्रवाल ने टॉप किया। दूसरे स्थान पर अभिनव गांगिल ने आल इंडिया रैंक 671 व तीसरे स्थान पर श्रेयांशु गुर्जर ने एआईआर 792 हासिल की। इन स्टूडेंट्स को अब आईआईटी में प्रवेश मिलेगा जहां यह सीएस ब्रांच से पढ़ाई करेंगे। जेईई एडवांस पेपर 1 और 2 दोनों में कुल 155538 कैंडीडेट्स उपस्थित हुए थे। कुल 40712 उम्मीदवारों ने परीक्षा को क्वालिफाई किया है। परीक्षा में सफल कैंडीडेट्स जोसा काउंसलिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया 12 सितंबर से शुरू हो रही है।

कॉपी में लिख रखा था आईआईटी मुंबई

मैंने 9 क्लास से बेस बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। कोविड के कारण दो साल आनलाइन कोचिंग की लेकिन पढ़ाई में किसी तरह की कोताही नहीं की। कोचिंग के अलावा 5 से 6 घंटे रेगुलर स्टडी करता था, हर दिन 50 से 100 तक सवाल हल किए ताकि प्रैक्टिस अच्छी रहे और प्रेशर हैंडल करना आ सके। एडवांस का पेपर काफी कठिन था और सवाल इतने लंबे थे कि हल करने में काफी समय लग रहा था। मैंने 108 में से लगभग 93 सवाल हल किए। मैंने अपनी कॉपी के पहले और आखिरी पेज पर आईआईटी मुंबई सीएस ब्रांच लिखकर रखा। पढ़ाई के दौरान रिलेक्स रहने के लिए साइकलिंग करता था।

तैयारी के लिए सेल्फ डिसिप्लिन पर रहा ध्यान

आईआईटी की तैयारी तभी ठीक तरह से हो सकती है जबकि आत्म नियंत्रण हो। मैंने तैयारी शुरू करने से पहले ही मन बना लिया था बिल्कुल समय नहीं गंवाना है, जितना समय है उसे बस तैयारी में देना है। टीचर्स जो बताते हैं यदि उसे ठीक के कवर किया तो आधी तैयारी तो उनके साथ ही होती चली जाती है मुझे इस रैंक पर आईआईटी की कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन मिल जाएगा। मुझे बैंडमिंटन खेलना पसंद है।

मैथ्स कठिन लगा तो उस पर फोकस किया

इस बार एडवांस का पेपर कठिन था दूसरा फॉन्ट इतने बड़े थे कि बार-बार स्क्रॉल करके सवाल को देखना पड़ रहा था जिसमें काफी समय खराब हुआ। मुझे मैथ्स में थोड़ी परेशानी होती थी तो सबसे ज्यादा फोकस उसी पर किया। जैसी मैंने उम्मीद की थी वैसी रैंक मिली। मैंने सिर्फ टीचर्स को फॉलो किया और जो सुझाव वे देते थे उन पर गौर करता था। पढ़ाई के बाद थोड़ी देर के लिए वीडियो गेम खेलता था। मुझे सीएस ब्रांच से पढा़ई करना है।

कठिन टॉपिक को दिया ज्यादा समय

मुझे जैसी उम्मीद थी वैसी रैंक मुझे मिली है। कोचिंग पर टेस्ट सीरीज देते हुए अपनी तैयारी का अंदाजा हो जाता है। मैंने आनलाइन क्लास के अलावा हर दिन 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। जो टॉपिक या सवाल कठिन लगा उसे छोड़े देने के बजाए तुरंत फैकल्टीज से क्लीयर किया। कठिन टॉपिक्स की लिस्ट बनाकर उनकी तैयारी अलग से की तो उसका फायदा मिला। मुझे गिटार प्ले करना पसंद है। मुझे भी सीएस ब्रांच से पढ़ाई करना है।