दो साल से अलग रह रहे थे दंपति, डेढ़ साल की बच्ची ने थामी उंगली तो पिता ने बदला तलाक का इरादा

दो साल से अलग रह रहे थे दंपति, डेढ़ साल की बच्ची ने थामी उंगली तो पिता ने बदला तलाक का इरादा

भोपाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव संदीप शर्मा के कक्ष का माहौल उस वक्त भावुक हो गया जब एक डेढ़ साल की बच्ची ने अपने पिता की उंगली थाम कर उन्हें पापा कहा। अपनी बच्ची की इस मासूमियत ने पिता का गुस्सा एक पल में पिघला दिया और पिता के आंसू छलक आए। बच्ची की चंचलता ने आखिर पिता का फैसला बदल दिया और वह तलाक की जिद छोड़कर समझौते पर राजी हो गया। दरअसल, डालसा पहुंचे दंपति के बीच दूरियां इतनी बढ़ गई थी कि दोनों दो साल से अलग रह रहे थे। पत्नी अपने मायके भोपाल में थी, जबकि पति पुणे में। बेटी के जन्म के बाद भी दोनों एक न हो सके और यहां तक कि पिता ने जन्म के बाद बेटी को केवल एक बार देखा था।

छोटी बातों पर विवाद

आईटी कंपनी में कार्यरत कपल की मुलाकात साथ काम करते वक्त हुई और चार साल पहले शादी कर ली। मामले में पत्नी ने प्राधिकरण में आवेदन प्रस्तुत किया कि वह पति के पास लौटना चाहती है। उसने कहा पति हर छोटी-छोटी बात पर उससे झगड़ा करता है। इस कारण वह परेशान होकर मायके चली आई। लेकिन, बेटी के जन्म के बाद भी पति ने सुध नहीं ली। पत्नी ने कहा कि वह रिश्ता खत्म करना नहीं चाहती।

बेटी को देखकर मन भर आया

दूसरी ओर पति ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद उसने उसे केवल आठ दिन की देखा था। उसके बाद सिर्फ तस्वीरें देखी। उसने कहा वह कई बार दोनों से मिलना चाहता था, लेकिन पत्नी के मायके वालों के कारण नहीं गया। लॉकडाउन में घर में खाली बैठे हुए हर पल याद आती थी, लेकिन पत्नी की जिद और उसके मायके वालों के गुरूर के कारण कभी पहल नहीं की, लेकिन अपनी बेटी को सामने देखकर मन भर आया। मेरा स्वाभिमान कहूं या अहम, जो भी है सब मैं भूल गया। पति ने बताया कि पत्नी के मायके पक्ष का घर में हद से अधिक हस्तक्षेप उनके बीच विवाद की वजह था। पत्नी हर छोटी-छोटी बात पर मायके चली जाती थी, इसलिए उसने रिश्ता खत्म करने का मन बना लिया था। प्राधिकरण सचिव संदीप शर्मा ने कहा कि दोनों को समझाया गया कि बातचीत से हर परेशानी का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार को जोड़ने की कड़ी होते हैं। यही वजह है कि बच्ची को साथ लेकर आने के लिए कहा गया था।