डिस्पोजेबल मास्क यहां-वहां फेंकने से प्रदूषण का बढ़ा खतरा

डिस्पोजेबल मास्क यहां-वहां फेंकने से प्रदूषण का बढ़ा खतरा

लंदन  । कोरोना महामारी बनने के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क पहनने को जरूरी बताया है। कोरोना से सुरक्षा के लिए ज्यादातर देशों में सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अब इन मास्क की ही वजह से प्रदूषण का खतरा भी बढ़ गया है। कई देशों की सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डिस्पोजेबल मास्क की जगह ज्यादा से ज्यादा री- यूजेबल मास्क का इस्तेमाल करें। ब्रिटेन के लिबरल डेमोक्रेट्स का कहना है कि सिंगल यूज सर्जिकल मास्क के कारण भारी मात्रा में प्लास्टिक-वेस्ट पैदा हो रहा है, जो पर्यावरण के लिहाज से खतरनाक है और ऐसे में हमें उन विकल्पों को तलाशने की जरूरत है जो पर्यावरण के अनुकूल हों। 33 प्लास्टिक के बने होते हैं डिस्पोजेबल मास्क 33 डिस्पोजेबल मास्क में प्लास्टिक होता है, जो जल प्रदूषण को बढ़ाता है और साथ ही वन्यजीवन को भी नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार लोग मास्क को इस्तेमाल के बाद इधर-उधर फेंक देते हैं और जीवजन्तु इसे खा लेते हैं, जोकि चिंता की बात है। ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि इस बात की पड़ताल की जा रही थी कि क्या पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) को दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकता है।

 भारत में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिए हैं निर्देश 

खुले में फेंके जा रहे दस्ताने, मास्क या पीपीई किट को लेकर भारत में भी चिंता जताई गई है। डाउन टू अर्थ वेबसाइट के मुताबिक, जुलाई महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों को नोटिस जारी करने का निर्देश देते हुए कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बायो मेडिकल वेस्ट खुले में न डंप हो। यह आदेश कोरोना काल में दिल्ली में बढ़े बायोमेडिकल वेस्ट को देखते हुए दिया गया था।

ब्रिटेन में चलाया जा रहा है कैंपेन 

समुद्र तटों को साफ रखने के लिए ब्रिटेन में कैंपेन भी चलाया जा रहा है। इस आयोजन का नेतृत्व करने वाली संस्थान क्लीन-सीज की प्रमुख लौरा फॉस्टर के अनुसार कई बार ये मास्क आपस में इतने उलझ जाते हैं कि जाल जैसे हो जाते हैं और जीव-जन्तु इसमें फंस जाते हैं। कई बार ये आग लगने का कारण भी बनते हैं। समुद्र में प्लास्टिक के बढ़ने का सीधा असर फूड चेन पर पड़ेगा। लोगों से अनुरोध किया जा रहा है कि जब वे अपने डिस्पोजेबल मास्क फेंके तो उनमें लगी स्ट्रिप को निकाल दें, ताकि जीव-जन्तु उसमें फंसे नहीं।

लोग पर्यावरण को बचाने री-यूजेबल मास्क पहन 

मौजूदा समय में हम कोरोना महामारी के खतरों से जूझ रहे हैं। हम सभी अपनी तरफ से एक-दूसरे को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सिंगल यूज मास्क से बेपनाह कचरा पैदा हो रहा है। सिंगल यूज मास्क के बजाय लोगों को री- यूजेबल मास्क इस्तेमाल करना चाहिए ताकि पर्यावरण को भी खतरा नहीं पहुंचे। साराह ओलने, प्रवक्ता, क्लाइमेट एंड बिजनेस