नववधू को ससुराल ले जाने के लिए उपयोग में आती है ‘राही '

नववधू को ससुराल ले जाने के लिए उपयोग में आती है ‘राही '

I AM BHOPAL ।  कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रभाव से उत्पन्न चुनौतिपूर्ण समय में जनता को संग्रहालय से ऑनलाइन के माध्यम से जोड़े रखने के उद्देश से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा शुरू ‘सप्ताह का प्रादर्श’ शुरू किया है। इस महीने के पहले सप्ताह के प्रादर्श के रूप में झारखंड के संथाल समुदाय के पारंपरिक पालकी ‘राही’ को दर्शकों के लिए प्रदर्शित किया गया। ‘राही’ नववधू को अपने पिता के घर से ससुराल ले जाने के लिए उपयोग की जाने वाली यह नक्काशीदार ‘राही’ झारखंड के संथाल समुदाय के पारंपरिक विवाह में प्रमुख स्थान रखती है। यह पालकी तीन तरफ से वुड पैनल से घिरी होती है। प्रत्येक वुड पैनल में पशु-पक्षियों और फूलों की आकृतियां और बारात के दृश्यों की कलाकृति बनी होती हैं। दर्शक ‘राही’ का अवलोकन मानव संग्रहालय की फेसबुक साइट के माध्यम से घर बैठे कर सकते है।