बंसल-वन प्रोजेक्ट में 35 करोड़ नकद लिया, सोने हीरे की 9 किलो ज्वेलरी, सवा करोड़ कैश मिला

बंसल-वन प्रोजेक्ट में 35 करोड़ नकद लिया, सोने हीरे की 9 किलो ज्वेलरी, सवा करोड़ कैश मिला

भोपाल। आयकर छापामारी की चपेट में आए बंसल ग्रुप के ठिकानों से विभागीय अफसरों को चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। भोपाल और आसपास के शहरों से मरीजों को बंसल हॉस्पिटल रेफर करने वाले डॉक्टरों को बंसल प्रबंधन लाखों रुपए कमीशन बांटता है। ग्रुप के बंसल-1 प्रोजेक्ट में 35 करोड़ से अधिक की राशि कैश में लेने के दस्तावेज भी मिले हैं। छापे के दूसरे दिन 9 किलोग्राम सोना, हीरे-जवाहरात की ज्वेलरी और 1.25 करोड़ रुपए नकदी के बरामद हुए हैं। 100 से अधिक कम्प्यूटर्स का डाटा निकालने आयकर ने चेन्नई, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली से आईटी एक्सपर्ट बुलाए हैं। आयकर टीमें 3 दर्जन ठिकानों पर दूसरे दिन भी छानबीन करती रहीं। एजुकेशन, अस्पताल, कंस्ट्रक्शन, आॅयल फैक्टरी, माइंस एंड मिनरल्स, पाथवे, आयरन स्टील सहित अन्य कारोबार में कैश लेनदेन और बोगस खरीदी के ढेरों दस्तावेज बरामद हुए।

रसूखदारों का निवेश बंसल-वन प्रोजेक्ट में ऐसे ढेरों साक्ष्य मिले हैं, जिसमें ग्रुप ने करोड़ों रुपए कैश में लिए। चर्चा रही कि इस प्रोजेक्ट में मप्र-छग के कुछ नेताओं, अफसरों और रसूखदारों का डमी नाम से करोड़ों रुपए का निवेश है।

बंसल बंधुओं से पूछताछ

आयकर ने बंसल के करीबी और बड़े अधिकारियों सहित चार्टर्ड एकाउंटेंट के घर और दμतरों में छानबीन शुरू की है। साक्ष्यों के सत्यापन के लिए सुनील, अनिल बंसल के अलावा कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

अस्पताल का धंधा बढ़ाने कमीशनखोरी में बांटे लाखों रुपए

बंसल हॉस्पिटल में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी और दलाली का खेल भी पाया गया। छानबीन के दौरान डॉक्टरों के नाम लिखे ऐसे 350 लिफाफे मिले हैं, जिनमें लाखों की राशि रखी थी। बताया जाता है कि मैनेजमेंट ने छोटे शहरों के डॉक्टरों का कॉकस बना लिया है। इन्हें बंसल में मरीज रेफर करने पर मोटा कमीशन मिलता है।