मैदान छोड़ मातोश्री पहुंचे उद्धव

मैदान छोड़ मातोश्री पहुंचे उद्धव

मुंबई। महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच सीएम उद्धव ठाकरे ने बुधवार को फेसबुक लाइव पर इस्तीफा देने की पेशकश की। उन्होंने बागी विधायक एकनाथ शिंदे से सुलह की अपील करते हुए कहा कि कोई शिवसैनिक मेरी जगह लेता है तो मुझे खुशी होगी। फेसबुक लाइव के बाद उद्धव ने शरद पवार समेत कुछ गठबंधन नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया कि उद्धव इस्तीफा नहीं देंगे और जरूरत होने पर बहुमत साबित करेंगे। लेकिन कुछ देर बाद उद्धव ने सामान सहित सीएम हाउस 'वर्षा' भी छोड़ दिया और मातोश्री पहुंच गए। इससे पहले गुवाहाटी पहुंचे शिंदे ने दावा किया कि उनके पास शिवसेना के 34 विधायकों का समर्थन है। इन 34 विधायकों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है कि शिंदे शिवसेना विधायक दल के नेता हैं। शाम को शिवसेना के 2 और 2 निर्दलीय विधायक भी गुवाहाटी पहुंच गए। उधर, भाजपा ने शिंदे के संपर्क में होने या सरकार का दावा पेश करने से इंकार किया है।

गुवाहाटी से शिंदे का वार

2019 में शिवसेना ने भाजपा के साथ चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव के बाद भाजपा को छोड़कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। यह एक अप्राकृतिक गठबंधन है।

पार्टी के लिए आवश्यक है कि वह अपने और कार्यकर्ताओं के हित में एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन से बाहर निकल आए।

एमवीए से सिर्फ कांग्रेस और एनसीपी को फायदा हुआ है, जबकि सामान्य शिवसैनिकों को ढाई साल में सबसे ज्यादा तकलीफ हुई है।

शिवसैनिकों के हित में आवश्यक है कि इस अप्राकृतिक गठबंधन से बाहर निकलें। हिंदुत्व फॉरेवर

मुंबई से उद्धव की अपील

मैंने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के सुझाव पर अनुभवहीनता के बावजूद मुख्यमंत्री का पद संभाला। अगर मेरे अपने लोग मुझे नहीं चाहते, तो मैं सत्ता से चिपके रहना नहीं चाहता।

मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं, किसी शिवसैनिक के उत्तराधिकारी बनने पर खुशी मुझे होगी।

सामने आकर मुझसे कह दें कि मैं सीएम और शिवसेना अध्यक्ष के पदों को संभालने में सक्षम नहीं हूं।तत्काल इस्तीफा दे दूंगा।

विद्रोही हिंदुत्व के मुद्दे को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं विधानसभा में हिंदुत्व के बारे में बोलने वाला पहला मुख्यमंत्री था।

फिलहाल दो विकल्प दिख रहे हैं...

1 राष्ट्रपति शासन, जिसकी उम्मीद कम ही दिख रही है

2 शिंदे ने 34 विधायक साथ होने का दावा किया था। देर रात 4 और विधायक गुवाहाटी पहुंचे। ऐसे में उनके पास 38 की संख्या हो गई है। यदि शिंदे भाजपा के साथ जाते हैं तो भाजपा के 106 और शिंदे के 38 विधायक मिलकर बहुमत की संख्या 144 हासिल कर लेंगे।