सरेंडर करने पर भी यूक्रेनी सैनिकों ने गोलियों से भूना

सरेंडर करने पर भी यूक्रेनी सैनिकों ने गोलियों से भूना

मास्को। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक ऐसा वीडियो और तस्वीर सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यूक्रेनी सैनिकों ने सरेंडर करने वाले रूसी सैनिकों को गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया है। रूस ने इसे वॉर-क्राइम का नाम दिया है, जबकि यूक्रेन ने आरोपों को खारिज किया है। इधर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और उनकी सेना सबके निशाने पर आ गई है। पहले पोलैंड में मिसाइल दागने को लेकर जेलेंस्की पर सवाल उठे थे और अब रूसी सैनिकों की नृशंस हत्या को लेकर उनकी आलोचना शुरू हो गई है। इसबीच संयुक्त राष्ट्र ने यह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं कि जिन वीडियो फुटेज के आधार पर रूस अपनी सेना की यूक्रेन द्वारा हत्या की बात कह रहा है, उसमें कितनी सच्चाई है। कई अमेरिकन मीडिया ने भी रूस के दावे को सही ठहराया है और वीडियो की पुष्टि की है।

रूस का आरोप- हमारे 10 सैनिक मारे गए

रूस के रक्षा मंत्रालय ने इसे वॉरक्राइ म का नाम दिया है। ये वीडियो लुहांस्क प्रांत के करीब मवकीक का है, जहां रूस और यूके्रन की सेनाओं के बीच जंग चल रही है। रूस का दावा है कि यूके्रनी सेना की कारवाई में 10 रूसी सैनिक मारे गए हैं।

यूक्रेन का दावा- रूस के 84 हजार सैनिक हुए ढेर

यूके्रन का दावा है कि पिछले 9 महीने से चले आ रहे युद्ध में अब तक रूस के 84 हजार से ज्यादा सैनिक मारे गए। बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, टैंक, ड्रोन इत्यादि मार गिराए गए हैं।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार युद्ध के दौरान यूक्रेन के 60 हजार से ज्यादा मारे गए हैं। यूक्रेन के 333 एयरक्राμट, 177 हेलीकॉप्टर सहित 6500 से ज्यादा टैंक मार गिराए हैं।

इधर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा- 47 हजार मिसाइलों से सैकड़ों शहर हुए बर्बाद, 30 लाख से ज्यादा विस्थापित

इसबीच अपने देश की तबाही की दास्तां बयां करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया है कि नौ माह में रूस ने 4700 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं। हमलों में सैकड़ों शहर बर्बाद हो गए हैं। रूस ने यूक्रेन पर इसी साल 24 फरवरी को हमला बोला था। बीते 270 दिन में रूस ने यूक्रेन पर 4,700 से ज्यादा प्रक्षेपास्त्र दागकर उसे खंडहर देश में तब्दील कर दिया। यूक्रेन के 30 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित होकर पड़ोसी देशों में शरण लेने मजबूर हुए।