घुंघरुओं की झनकार के साथ श्रीराम के विभिन्न स्वरूपों का किया वर्णन

घुंघरुओं की झनकार के साथ श्रीराम के विभिन्न स्वरूपों का किया वर्णन

 शहीद भवन में शनिवार को बैठक द आर्ट हाउस की ओर से आवर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भरतनाट्यम नृत्य से सजी इन प्रस्तुतियों को नृत्यांगना नुपूर माहौर और इशिता लाल ने साथी कलाकारों के साथ संजोया। कार्यक्रम की शुरुआत नृत्यांगनाओं ने गणेश वंदना से की। इसकी अगली कड़ी में भगवान राम स्तुति को प्रस्तुत किया, जिसमें श्रीराम के विभिन्न स्वरूपों को वर्णन नृत्रू के माध्यम से देखने को मिला। नृत्य में घुंघरुओं की झंकार के साथ सभागार में उपस्थित श्रोताओं को मन मोह लिया।

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भजन की दी प्रस्तुति

नूपुर ने ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर...’ हनुमान चालीसा पर तीसरी नृत्य प्रस्तुति दी और दर्शकों की खूब तालियां बटोंरी, वहीं अगली कड़ी में उन्होंने दशरथ के पुत्र, रावण का वध का वर्णन करते हुए, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भजन पर नृत्य प्रस्तुति दी गई, तो पूरे सभागार में को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद राम के जीवन के विभिन्न रुपों से सजी इन प्रस्तुतियों में नूपुर ने श्रीराम और माता सीता के विवाह के सुंदर वर्णन करते हुए सीता कल्याणम के माध्यम से नृत्य की मन मोहक प्रस्तुत दी। वहीं प्रस्तुति की अगली कड़ी में तीन ताल में शुद्ध कथक नृत्य की प्रस्ुतति दी गई। कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक मनभावन प्रस्तुति दी। संपूर्ण श्रीराम के चरित्र को उजागर करती इन प्रस्तुतियों का समापन रामकथा से किया।