30 से प्रदेशभर में थम सकते हैं 108 एंबुलेंस के पहिए

30 से प्रदेशभर में थम सकते हैं 108 एंबुलेंस के पहिए

ग्वालियर।कोरोना के काल 108 एंबुलेंस मरीजों कीसेवा में 24 घंटे लगी हुई है, लेकिन सेवा प्रदाता कंपनी जिगित्सा हेल्थकेयर की मनमानी की वजह से प्रदेशभर में 30 सितंबर से आवश्यक सेवाओं में शुमार 108 एंबुलेंस के पहिए थम सकते हैं। अपनी सात सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए 108 के कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर संघ के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर कौशलेन्द्र सिंह को को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि इससे पहले भी कई बार शासन व प्रशासन को ज्ञापन देकर प्रदेश में चल रही 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की समस्याओं व मांगों से अवगत कराया था, लेकिन विभाग व शासन दोनों ही 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों के प्रति उदासीनता बरतते रहे हैं । कई बार इन्हीं कारणों से प्रदेश में 108 एंबुलेंस कर्मचारियों को हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है। 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश पिछले लगभग कई महीनों से सरकार व विभाग तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि 29 सितंबर तक हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर के 108 एबुलेंसकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं जिगित्सा हेल्थ केयर की होगी।

इनका कहना है

कर्मचारी दिन रात सेवा में लगे हुए हैं, लेकिन कंपनी कर्मचारियों को मांगों का पूरा नहीं कर रही है। हम कई बार गुहार लगा चुके हैं, 30 सितंबर के प्रदेशभर में एंबुलेंस का संचालन बंद कर दिया जाएगा। रामस्वरूप परमार, प्रदेशअध्यक्ष, 108 कर्मचारीसंघ मप्र