यश और शुभम के शतक से मप्र पहली बार रणजी चैंपियन बनने की ओर बढ़ा

यश और शुभम के शतक से मप्र पहली बार रणजी चैंपियन बनने की ओर बढ़ा

बेंगलुरू। युवा बल्लेबाज यश दुबे और शुभम शर्मा की शतकीय पारियों और दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 222 रन की साझेदारी के दम पर मप्र ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में मुंबई के खिलाफ शुक्रवार को तीसरे दिन के खेल के बाद अपने पहले खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। मुंबई की पहली पारी में 374 रन का स्कोर बड़ा लग रहा था, लेकिन दुबे ने 236 गेंद में 14 चौकों की मदद से 113 और शुभम ने 215 गेंद में 15 चौके और एक छक्का जड़ 116 रन की पारी खेलकर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। मध्यप्रदेश ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट पर 368 रन बना लिए और पहली पारी के आधार पर मुंबई से सिर्फ छह रन पीछे है। दिन की शुरुआत एक विकेट पर 123 से करने के बाद मप्र के बल्लेबाजों ने तीसरे दिन धैर्य से खेलते हुए 245 रन बनाए, लेकिन इस दौरान मुंबई के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। स्टंप्स के समय इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले रजत पाटीदार 106 गेंद में 13 चौकों की मदद से 67 और कप्तान आदित्य श्रीवास्तव 33 गेंद में 11 रन बनाकर खेल रहे थे। टीम की कोशिश अब अपनी बढ़त को इतना बढ़ाने पर होगी जहां से मुंबई को वापसी का मौका नहीं मिल सके। चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच से गेंदबाजों को मदद मिलने का संकेत नहीं मिल रहा था। दिन में निकली तेज धूप ने बल्लेबाजों का काम और आसान कर दिया। सबसे बड़ी निराशा मुंबई के बाएं हाथ के स्पिनर शम्स मुलानी (40 ओवर में एक विकेट पर 117 रन) को हुई, जिन्होंने बहुत अधिक ढीली गेंदें फेंकी। अनुभवी धवल कुलकर्णी (21 ओवर में बिना सफलता के 51 रन) और तुषार देशपांडे (24 ओवर में 73 रन पर एक विकेट) ने भी औसत गेंदबाजी की।

मप्र के लिए ऐतिहसिक दिन : खांडेकर

बैंगलुरू में मध्य प्रदेश टीम के साथ गए मप्र क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने पीपुल्स समाचार को बताया कि मप्र टीम के टीम के दो खिलाड़ियों ने सेंचुरी लगाई है। पूरी टीम ने शुरू से ही अच्छा खेल खेला है। ये मप्र के लिए ऐतिहासिक दिन है। मप्र मुंबई पर बढ़त बनाने से मात्र 6 रन दूर है। मैं उम्मीद करता हूं कि मप्र की टीम पहली बार राणजी ट्रॉफी जीते।