फाइनेंस सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम से हर दिन बचा 1 घंटे का समय, 70 फीसदी कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ी

फाइनेंस सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम से हर दिन बचा 1 घंटे का समय, 70 फीसदी कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ी

मुंबई। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी भारत की फाइनेंस इंडस्ट्री में वर्क फ्राम होम का चलन जारी रहने के आसार हैं। इसका कारण यह है कि पिछले तीन महीनों में आवागमन में लगने वाला समय बचने के कारण कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ी है। इसका ताजा उदाहरण अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक जैफरी से सामने आया है। इस कंपनी के औसतन 60 कर्मचारियों में आवागमन में लगने वाले अपने एक घंटे के समय की रोजाना बचत की। इनमें से 70 प्रतिशत कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी में वृद्धि देखी गई। बैंक ने अपने स्टाफ पर किए गए सर्वे में यह वृद्धि देखी है।

वर्क कल्चर में पर्मानेंट चेंज : अब जबकि दुनियाभर के बैंक एवं असेट मैनेजर्स इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कोरोनावायरस महामारी के खत्म होने के बाद वे अपने ऑफिस को कैसे मैनेज करेंगे, वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इसमें अपने वर्क कल्चर में पर्मानेंट चेंज का अवसर देख रही है। शहर के प्रमुख मार्र्गों पर कर्मचारियों को अपने ऑफिस जाने में औसतन रोजाना एक घंटे से ज्यादा का समय खर्च होता है। पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक आइडीएफसी इंस्टीट्यूट के अध्ययन के अनुसार यह सिंगापुर, हांगकांग एवं न्यूयॉर्क जैसे शहरों में लगने वाले समय की तुलना में लगभग दोगुना है।