कृषि मंत्री ने कहा-केंद्र से मांगे थे बोरे, सहकारिता मंत्री बोले-कमी ही नहीं थी

कृषि मंत्री ने कहा-केंद्र से मांगे थे बोरे, सहकारिता मंत्री बोले-कमी ही नहीं थी

भोपाल। प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के दौरान किसान परेशान हो रहे हैं। वह ट्रालियों के साथ दस-दस दिन से खरीदी केन्द्र पर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदी नहीं हो रही है। किसानों के अनुसार, खरीदी केंद्रों पर बोरे (बारदाना)नहीं होने का हवाला देकर उनके अनाज की तुलाई नहीं की जा रही है। इधर, बोरे की समस्या को लेकर सरकार के मंत्री और अधिकारियों में ही सामंजस्य नहीं है। कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि बोरों की कमी को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। वहीं सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि मध्यप्रदेश में बोरों की पर्याप्त संख्या है। कहीं बाहर से मंगाने की जरूरत नहीं है।

मैंने बोरों के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था

कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि कुछ जिलों में किसानों ने बोरे नहीं होने से अनाज तुलाई प्रभावित होने की जानकारी दी थी। मैने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखा था। इसके बाद बोरों की व्यवस्था करा दी गई। अब किसी खरीदी केन्द्र में समस्या नहीं है। किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। हमने सौ लाख क्विंटल गेहूं खरीदने के अनुमान के अनुसार बोरों की व्यवस्था की थी, पर खरीद मात्रा 115 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई, इसलिए समस्या आई।

बोरों की व्यवस्था पहले कर ली थी,कहीं कमी नहीं आई

सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि किसी भी खरीदी केंद्र पर बोरों की कमी की सूचना नहीं मिली। हमने बोरों की व्यवस्था खरीद शुरू होने से पहले कर ली थी। खरीदी की समीक्षा करते हुए भी कहा था कि बारदानों की कमी नहीं हैं। हमें केन्द्र से अतिरिक्त बोरे मंगाने की जरूरत ही नहीं है। हालांकि भंडारण को लेकर समस्या आई है। इसकी व्यवस्था कर रहे हैं। जहां के वेयर हाउस फुल हो गए हैं, उन क्षेत्रों से गेहूं अन्य जिलों में शिफ्ट किया जा रहा है।

30 जिलों में खरीदी बंद, अब क्या होगी समस्या

इधर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के पीएस शिवशेखर शुक्ला ने कहा, प्रदेश के 30 जिलों में किसानों से गेहूं की खरीदी बंद हो गई है। एक-दो दिन में अन्य स्थानों पर भी खरीदी बंद हो जाएगी। सिर्फ इंदौर, उज्जैन, भोपाल, धार और देवास जिलों में कलेक्टरों के प्रस्ताव पर सुविधानुसार खरीदी जारी रहेगी। यह भी 5 जून के बाद समाप्त कर दी जाएगी। ऐसे में बोरों की कमी होने का सवाल ही नहीं उठता। जहां पहले समस्या आई थी, वहां अन्य खरीदी केन्द्रों से बोरों की व्यवस्था कर दी गई । उन्होंने कहा कि 16 हजार गठानों की अतरिक्त उपलब्धता कराई गई है।