दिल्ली चुनाव से पहले राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा, 15 सदस्यों के नाम भी सामने आए

दिल्ली चुनाव से पहले राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा, 15 सदस्यों के नाम भी सामने आए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के बारे में घोषणा की। इसके 4 घंटे बाद ट्रस्ट से जुड़े 15 सदस्यों के बारे में जानकारी सामने आई। अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के. पाराशरण को ट्रस्टी बनाया गया है। प्रयागराज के ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी समेत 5 सदस्य धर्मगुरु ट्रस्ट में हैं।

???? के पाराशरण: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं। अयोध्या मामले में 9 साल हिंदू पक्ष की पैरवी की। इंदिरा, राजीव सरकार में अटॉर्नी जनरल रहे। पद्म भूषण और पद्म विभूषण।

???? जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती : बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं। पीठ का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

???? जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज: कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर हैं। दिसंबर 2019 में स्वामी विश्वेशतीर्थ के निधन के बाद पदवी संभाली।

???? युगपुरुष परमानंद जी महाराज: अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख वेदांत पर 150 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

???? स्वामी गोविंद देव गिरि : महाराष्ट्र के अहमद नगर में 1950 में जन्मे। रामायण, श्रीमद् भगवत गीता, महाभारत और अन्य पौराणिक ग्रंथों का देश-विदेश में प्रवचन करते हैं।

???? विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा : अयोध्या राजपरिवार के वंशज। रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य और समाजसेवी। 2009 में बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, हारे। फिर राजनीति छोड़ी।

???? डॉ. अनिल मिश्र, होम्योपैथिक डॉक्टर: मूलरूप से अंबेडकरनगर निवासी अनिल प्रसिद्ध डॉक्टर हैं। राम मंदिर आंदोलन में रहे।

???? कामेश्वर चौपाल, पटना (एससी सदस्य): संघ ने कामेश्वर को पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। उन्होंने 1989 में राम मंदिर में शिलान्यास की पहली र्इंट रखी थी।

???? 2 बोर्ड आॅफ ट्रस्टी द्वारा नामित एक ट्रस्टी, जो हिंदू धर्म का हो।

???? महंत दिनेंद्र दास: अयोध्या निमोर्ही अखाड़े के अयोध्या बैठक के प्रमुख। ट्रस्ट की बैठकों में उन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा।

???? केंद्र सरकार द्वारा नामित एक प्रतिनिधि, और एक राज्य सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि। दोनों आईएएस अधिकारी होंगे।

???? इसके अलावा अयोध्या जिले के डीएम पदेन ट्रस्टी होंगे। वे हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे। अगर किसी कारण से मौजूदा कलेक्टर हिंदू धर्म के नहीं हैं, तो अयोध्या के एडिशनल कलेक्टर (हिंदू धर्म) पदेन सदस्य होंगे।

700 किमी दूर से लिए जाएंगे मंदिर के फैसले

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत ट्रस्ट का गठन कर दिया। पीएम ने बताया कि ट्रस्ट का नाम ‘श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ है। इस ट्रस्ट का मुख्य दμतर दिल्ली के ग्रेटर कैलाश के पार्ट-1 में स्थित होगा। यानी अयोध्या से करीब 700 किमी दूर से राम मंदिर निर्माण के सारे फैसले लिए जाएंगे।