सरकार का फैसला: 1 अप्रैल से कारों में आगे की दोनों सीटों के लिए एयरबैग जरूरी, जानें यह क्यों हैं जरूरी और कैसे काम करते हैं

 06 Mar 2021 01:23 PM

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से सभी कारों में आगे की सीटों के लिए एयरबैग जरूरी कर दिए हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने शुक्रवार को एयरबैग के अनिवार्य प्रावधान के संबंध में गजट अधिसूचना जारी कर दी है। मंत्रालय के कहा कि वाहनों में आगे ड्राइवर की सीट के साथ बैठने वाले को-पैसेंजर यात्रियों के लिए एयरबैग को अनिवार्य करने के संबंध में गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा पर समिति ने इसके बारे में सुझाव दिया था।

नए नियमों के मुताबिक मंत्रालय ने कहा कि 01अप्रैल, 2021 के पहले दिन या उसके बाद निर्मित नए वाहनों में आगे की दोनों सीटों के लिए एयरबैग जरूरी होगा। वहीं पुराने वाहनों के लिए एयरबैग जरूरी होंगे। पुरानी कार मालिकों को 31 अगस्त, 2021 से पहले मौजूदा मॉडलों में ड्राइवर की सीट के साथ एयरबैग लगाना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि 31 अगस्त के बाद अगर कोई कार सड़क पर बिना एयरबैग के चलते मिलेगी, तो उसका चालान काटा जाएगा। सरकार के इस कदम से दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

सरकार का कहना है कि ये एयरबैग्स ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड  145 के मानकों को अनुरूप होने चाहिए, जिन्हें ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स एक्ट 2016 के तहत  अधिसूचित किया गया है। फिलहाल कंपनियां केवल टॉप वैरियंट्स में ही डुअल फ्रंट एयरबैग्स का फीचर देती हैं। 

8,000 रुपये तक महंगी हो जाएगी कार 
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मानें तो इस नियम के लागू होने से और एक अतिरिक्त एयरबैग के जुड़ने से छोटी हैचबैक की कीमतों में 5,000- 8,000 रुपये की वृद्धि होने की संभावना है।
 
क्यों जरूरी है एयरबैग्स?
कारों में एयरबैग्स दुर्घटना में ड्राइवर और बगल में बैठे पैसेंजर की जान बचाने का कम करते हैं। जैसे ही गाड़ी की टक्कर लगती है, ये गुब्बारे की तरह खुल जाते हैं और जिससे कार में बैठे लोग कार के डैशबोर्ड या स्टेयरिंग से टकरा नहीं पाते और जान बच जाती है।

ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स
कार के बंपर पर एक इंपैक्ट सेंसर लगा होता है जैसे ही गाड़ी किसी चीज से टकराती है तो इंपैक्ट सेंसर की मदद से एक हल्का सा करंट एयरबैग के सिस्टम में पहुंच जाता है, और एयरबैग्स के अंदर sodium azide गैस भरी होती है उस गैस को वह गैस फॉर्म में प्ले आता है पहले यह किसी और फॉर्म भरी होती है जैसे इंपैक्ट सेंसर करंट भेजता है वह चीज गैस के रूप में परिवर्तित हो जाती है।