सिल्क इंडिया एग्जीबिशन के अंतिम 2 दिन शेष

 11 Dec 2020 08:36 PM

सिल्क इंडिया एग्जीबिशन के अंतिम 2 दिन शेष है। कम्युनिटी हॉल रविशंकर नगर में चल रही सिल्क इंडिया एग्जीबिशन 13 दिसंबर तक चलेगी।  इस बार एग्जीबिशन में विभिन्न राज्यों के वेडिंग कलेक्शन को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बेंगलुरु से आए हुए बुनकर आकाश कांजीवरम, मैसूर सिल्क, उपाड़ा, धर्मावरम, इक्कत एवं अरणी सिल्क की साड़ियां लेकर आए हैं। इनके पास कांजीवरम की 1 लाख 60 हजार की प्योर सिल्वर जरी की साड़ी है। यह साड़ी हैंडलूम पर बनाई गई है। इसको बनाने में लगभग 30 दिन लगते हैं। इस साड़ी की रीसेल वैल्यू होती है, जिसे किसी भी चांदी की दुकान पर बेचा जा सकता है। 25 साल बाद भी इस साड़ी की जरी रीसेल की जा सकती है।

वैवाहिक साड़ियों में बनारसी साड़ियों की अलग ही पहचान होती है। बनारस से आए हुए बुनकर अफजल, बनारसी खड्डी जॉर्जेट साड़ी लेकर आए हैं। जिसमें रेशम जरी का सिंगल वर्क किया गया है। जरी में चमक कम रहती है। और यह साड़ी लाइट वेट होती है, जिसका पल्लू पूरा जरी से बनाया जाता है। इस साड़ी की कीमत ₹15000 है। 

बनारसी खड्डी जॉर्जेट साड़ी में ट्रिपल मीनाकारी वर्क किया जाता है। जिसे हैंडलूम पर 2 कारीगर मिलकर बनाते हैं। यह साड़ी 2 महीने में बनकर तैयार होती है जिसकी कीमत ₹60000 है।

एक अन्य साड़ी में मटका लिनेन के ऊपर कंट्रास्ट बॉर्डर के साथ एंटीक जरी का ब्रोकेड ब्लाउज होता है कीमत ₹6000 है।

अफजल के पास एक अन्य लाइट वेट बनारसी खड्डी शिफॉन साड़ी है जिसमें रेशम वर्क किया गया है। इस साड़ी का वजन 120 ग्राम होता है और यह 20 अलग-अलग रंगों में उपलब्ध है।

श्रीनगर कश्मीर से आए हुए बुनकर मीर अब्दुल रशीद पश्मीना शॉल का शानदार कलेक्शन प्रदर्शित कर रहे हैं। उनके पास पश्मीना शॉल, कानी शॉल सोजनी पशमीना, कलमकारी पशमीना, सेमी पशमीना, जरी पशमीना शॉल का कलेक्शन मौजूद है, जिनकी कीमत ₹75000 तक है। इसके अलावा वे क्रेप साड़ियां, क्रेप सूट का कलेक्शन भी प्रदर्शित कर रहे हैं।

कोलकाता से आए हुए बुनकर सनी दास पटोला साड़ी बांधनी विष्णुपुरी लिनेन कॉटन सिल्क मूंगा सिल्क पैठनी साड़ी तसर सिल्क साड़ी का वैवाहिक कलेक्शन प्रदर्शित कर रहे हैं। 

पटोला साड़ी जो कि मलबरी सिल्क पर बनाई जाती है इसमें धागा मीनाकारी वर्क का उपयोग किया जाता है। इसमें कोल्ड जरी का उपयोग किया जाता है जो काला नहीं पड़ता। साथ में ट्रेडिशनल ब्लाउज विद बॉर्डर इस साड़ी की खासियत है। यह साड़ी 15 दिन में बनती है। 

इनके पास एक अन्य ढाकई मशलीन साड़ी है प्योर मस्लीन सिल्क की यह साड़ी सिर्फ 80 ग्राम वजन की है। यह बांग्लादेश में ढाका में बनती है बनाने में 15 दिन का समय लगता है इसकी प्राइस ₹15000 है।

बनारसी बुनकर समीर के पास कतान बाई कतान की एक विशेष सिल्क साड़ी है जिस पर तिलफी वर्क किया गया है। तिल्फी वर्क में तीन धागे एक साथ चलते हैं, इसमें एंटीक जरी का उपयोग किया गया है। इस साड़ी में कतान बाई कतान वर्क के साथ लॉक वीविंग की जाती है, जिसमें पीछे की तरफ से धागे नहीं निकलते।

राजस्थान जयपुर के बुनकर बृजेश गरम जयपुरी रजाई दोहर, क्विल्ट, बेडशीट, कुशन कवर, बेड कवर एवं मस्लीन मलमल दोहर लेकर आए हुए हैं। इनके पास खास जयपुरी फ्रोसीन गोल्ड एवं क्रेमेटिक मलमल रजाई है जो बहुत फेमस है।

बेडशीट कीमत ₹850 से ₹4200 तक रजाई ₹1400 से 2200 तक बेड कवर 1600 से 2400 तक दोहर 1800 से ₹3200 तक है।