कोषालयों में 1000 पद खाली, वेतन निर्धारण में बढ़ रही परेशानियां

 23 Apr 2021 12:42 AM

भोपाल। गैस राहत विभाग में पदस्थ रहीं सहायक सांख्यकीय अधिकारी मीरा मगरइया एक माह पहले सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उनका पेंशन निर्धारण दो सप्ताह में हो जाना चाहिए लेकिन उन्हें इसके लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं क्योंकि कोषालय में कर्मचारियों की कमी से फाइल ही आगे नहीं बढ़ रही। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी संतोष शुक्ला और पंकज कुमार शुक्ला के पेंशन प्रकरणों का अभी तक निराकरण नहीं हुआ। ये कुछ मामले हैं जो अपने काम के लिए परेशान हैं। इस तरह से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख कर्मचारी- अधिकारी हर साल प्रभावित होते हैं। दरअसल, यह स्थिति जिला कोषालयों में पदस्थ उप संचालक, सहायक संचालक और अन्य कर्मचारियों के एक हजार पद खाली होने से बन रही है। वर्ष 2020-21 में सिर्फ 45 हजार कर्मचारियों का ही वेतन निर्धारण हो सका।

इन बड़े कामों के निराकरण में आ रही समस्या

कोष एवं लेखा संचालनालय का गठन वित्त विभाग के अधीन है। संचालनालय द्वारा सरकार के राजकोष का प्रशासकीय नियंत्रण, कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण, 7 लेखा प्रशिक्षण केंद्र, आंतरिक लेखा परीक्षण, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान, राज्य सरकार के विभिन्न भुगतान, विभिन्न विभागों में निर्माण कार्यों से जुडेÞ ठेकेदारों का भुगतान को लेकर समस्याएं बढ़ने लगी हैं।

यह है विभाग का प्रशासनिक ढांचा

7 संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय, 57 कोषालय एवं 124 उपकोषालय संचालित हैं। संचालक से लेकर निचले स्तर तक 3,506 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2,487 पद भरे हुए हैं, जबकि 1,019 पद खाली हैं। अपर संचालक, संयुक्त संचालक, सहायक संचालक, सहायक कोषालय अधिकारी, उपकोषालय अधिकारी, सहायक ग्रेड-1, सहायक ग्रेड-2 और सहायक ग्रेड-तीन के खाली हैं।