संक्रमण के डर से घटे एडमिशन, मप्र के 18 लाख छात्र पढ़ाई से वंचित

 18 Oct 2020 01:34 AM  72

भोपाल। कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर नए एडमिशन पर पड़ा है। एमपी बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन के स्कूलों में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 18 लाख कम एडमिशन हुए हैं। जानकारों का कहना है कि कोरोना के डर से अधिकतर पैरेंट्स बच्चों का स्कूल में दाखिला कराने के पक्ष में नहीं हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल के मुताबिक, बीते शैक्षणिक सत्र 2019-20 में एमपी बोर्ड के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 1 करोड़ 43 लाख 35 हजार 488 नामांकन हुए थे। इस बार सत्र 2020-21 में फिलहाल 1 करोड़ 26 लाख 66 हजार 909 नामांकन ही हुए हैं। इनमें 81 लाख बच्चों ने सरकारी और 43 लाख ने निजी स्कूलों में प्रवेश लिया है। यह स्थिति तब है,जबकि इस साल स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया 30 सितंबर तक चली है।

सरकारी स्कूलों में नामांकन अधिक

कई जिलों में एमपी बोर्ड के प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों में एडमिशन अधिक हुए है। पहली से 8वीं कक्षा में प्राइवेट स्कूलों में 33 लाख और सरकारी में 59 लाख बच्चों ने एडमिशन लिया है। वहीं 9-12वीं तक प्राइवेट स्कूलों में करीब 10 लाख तो सरकारी स्कूलों में 22 लाख नामांकन हुए हैं।

इस बार आरटीई के तहत भी नहीं हुए एडमिशन

स्कूल नहीं खुलने के कारण राज्य शिक्षा केंद्र ने अभी तक आरटीई के तहत एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इसमें हर वर्ष लगभग डेढ़ से दो लाख एडमिशन होते हैं। इससे प्राइवेट स्कूल प्रभावित हुए हैं।