7 महीने की गर्भवती कोरोना संक्रमित महिला को प्रयागराज में नहीं मिला इलाज, 850 किमी दूर पीपुल्स हॉस्पिटल लेकर पहुंचे परिजन, डॉक्टर्स ने ऑपरेशन कर नवजात को बचाया

 03 May 2021 06:15 PM

भोपाल। कोरोनाकाल में तमाम निराशाओं के बीच ये खबर समाज के उस हिस्से की है, जिसने सेवाभाव का दामन कसकर थाम रखा है। प्रयागराज (इलाहाबाद) में उपचार नहीं मिलने से 850 किलो मीटर दूर आई 34 सप्ताह की गर्भवती कोरोना संक्रमित महिला का पीपुल्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने जटिल आपरेशन कर उसके गर्भस्थ शिशु को बचा लिया। डाॅक्टर्स के समक्ष गर्भस्थ शिशु की जान बचाने के साथ उसे संक्रमण से बचाए रखने की बड़ी चुनौती थी। जिसे डॉक्टर्स की टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए बखूबी निभाया। गंभीर कोरोना संक्रमित महिला के शिशु को बचाने डॉक्टरों की टीम ने एमरेजेंसी सीजर सेक्शन प्लान तैयार कर उसका आपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टरों ने गर्भस्थ बच्ची को सकुशल बचा लिया।  
 
जानकारी के मुताबिक, प्रगायराज निवासी 30 वर्षीय रूबी खान (परिवर्तित नाम) 34 सप्ताह की गर्भवती थीं। हाल ही में वह कोरोना संक्रमण के जद में आ गईं। परिजन उन्हें प्रयागराज के निजी, सरकारी अस्पताल में उपचार कराने पहुंचे। उन्हें हर तरफ निराशा हाथ लगी। सभी अस्पतालों ने एडमिट करने से मना कर दिया। रविवार सुबह करीब 11 बजे परिजन उसे पीपुल्स हॉस्पिटल लेकर आए। तब महिला की सीटी स्कोर 25 में 23 था। एसपी-ओ-2, 80 फीसदी से कम था। गायनेकोलॉजिस्ट डाॅ. अर्चना मरावी, एनास्थीसिया विशेषज्ञ  सौरभ जैन, बच्चों की डॉ. ऋचा राठौर, नर्सिंग सुप्रीडेंट मि. गिरजा की टीम ने इमरजेंसी सीजर सेक्शन प्लान तैयार कर महिला का उपचार शुरू किया। करीब तीन घंटे तक चले जटिल आॅपरेशन के बीच टीम ने महिला के गर्भ में पल रहे शिशु को सकुशल बचा लिया। महिला के पति स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में पदस्थ हैं।

महिला की हालत नाजुक थी, ऑपरेशन कॉफी जटिल था
महिला के गर्भाशय में पानी कम हो गया था। कोरोना संक्रमण की वजह से उसकी हालत काफी नाजुक थी। इस हालात में महिला के गर्भ में पल रहे शिशु को बचाना जरूरी हो गया था। इसके साथ ही गर्भस्थ शिशु को संक्रमण से बचाए रखने की बड़ी चुनौती थी। इसे डॉक्टर्स की टीम ने बखूबी निभाया। डॉक्टर्स की लगातार निगरानी और सावधानी से शिशु की जान बचाई गई बल्कि उसे संक्रमण छू तक नहीं सका। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य है। उसे एनआईसीयू में रखा गया है। नर्स प्रियंका और प्रिया उसकी देखभाल कर रही हैं। - डाॅ. अशोक म्हस्के, मेडिकल डायरेक्टर, पीपुल्स हॉस्पिटल

परिजनों की पीड़ा: प्रयागराज में नहीं उपचार, इसलिए इतनी दूर आए
इधर, महिला के परिवारिक सदस्य सैफ ने कहा कि प्रयागराज में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। प्रयागराज में उपचार नहीं मिलने की वजह से हमें 850 किलोमीटर दूर भोपाल आना पड़ा। पीपुल्स अस्पताल में तुरंत ही उपचार मिला। डाक्टरों की टीम ने बेहतर सहयोग किया।