बदनावर में दत्तीगांव का अपना असर दिखाएगा कमाल

 23 Oct 2020 11:47 PM

भोपाल। बदनावर में जाति और मजहब से ज्यादा प्रत्याशी का जनता से संबंध और क्षेत्र में प्रभाव होने को महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि यहां से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव चुनाव जीतते आ रहे हैं। दत्तीगांव इस बार कांग्रेस को छोड़ भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। जनता से मिले रुझान से पता चलता है कि दत्तीगांव के प्रभाव में कोई कमी नहीं आई है। उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह के मुकाबले कांग्रेस के कमल पटेल मैदान में हैं। सिंह का गांव-गांव बेहतर संबंध बना हुआ है। उन्होंने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहते हुए समस्याओं को नजदीक से देखा है और निराकरण किया है। वहीं कांग्रेस को आपसी गुटबाजी का खतरा सता रहा है। यहां आदिवासी और मुस्लिम एकमुश्त कांग्रेस को वोट करते आए हैं, लेकिन इस बार हालात बदल चुके हैं। राम मंदिर शिलान्यास और कांग्रेस सरकार गिरने के बाद परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।

भाजपा-राजवर्धन सिंह दत्तीगांव

तीन बार के विधायक, चौथी बार चुनाव मैदान में। क्षेत्र में ठोस प्रभाव।

गांव-गांव तक सीधे संबंधों के चलते मजबूत स्थिति में।

बदनावर की पेयजल समस्या का निराकरण करवाने का भरोसा।

शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर बेहतर प्लांनग के चलते जनता के बीच स्वीकार्य।

कांग्रेस-कमल पटेल

किसान पृष्ठभूमि से, पहली बार चुनाव मैदान में।

कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक। आदिवासी और मुस्लिम वोटों पर भरोसा।

गांव और किसान के साथ ही पेयजल मुहैया करवाने, सड़कें सुधारने जैसे मुद्दों पर फोकस।

कांग्रेस सरकार के कामों की याद दिलाते सरकार बनने पर आगे बढ़ाने का भरोसा।