भास्कर ग्रुप अखबार की आड़ में छिपाता रहा है दूसरे धंधे, सच सामने आना चाहिए

 22 Jul 2021 09:15 PM

भोपाल। अखबार व्यवसाय से पहचान बनाने वाला दैनिक भास्कर बिजनेस समूह अखबार की आड़ में दूसरे धंधे छिपाता रहा है। समूह ने कई व्यवसायिक गड़बड़ियों को छिपाने के लिए अखबार का इस्तेमाल किया है। रियल एस्टेट, बिजली-खनन, टेक्सटाइल फैक्ट्री, शिक्षा, मॉल, फिल्म प्रोड्यूसिंग से लेकर कई बिजनेस भास्कर समूह चलाता है। सवाल ये कि जब इतने धंधे हैं तो उनमें अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई क्यों न हो? भास्कर समूह का यह सच भी सामने आना चाहिए कि किस तरह अखबार की आड़ में दूसरे धंधों को बढ़ाया गया। 

संस्कार वैली स्कूल
भोपाल में वन क्षेत्र केरवा में भास्कर समूह ने नियमों को बदलवा कर संस्कार वैली स्कूल बनाया। इस क्षेत्र में स्कूल बनाने पर पर्यावरण और वन क्षेत्र को नुकसान होने के आरोप लगे, लेकिन अखबार के जरिए गठजोड़ करके समूह ने स्कूल को वन क्षेत्र में ही शुरू कर दिया। यहीं कई बार बाघ घूमते पाए गए तो भास्कर ने कहा कि आवासीय इलाके में बाघ आए। जबकि सच यही है कि भास्कर समूह ही बाघ के इलाके में जा घुसा है। 

डीबी सिटी मॉल
एमपी नगर में संजय नगर झुग्गी-बस्ती को हटाने के बाद भास्कर ने अखबार के बलबूते ये जमीन सरकार से ले ली। उस पर आलीशान डीबी मॉल बना दिया गया। इसी मॉल में आयकर टीम ने सर्च की। 

पावर प्रोजेक्ट
समूह की डीबी पावर कंपनी है, जो बिजली कंपनियों के तहत रीडिंग टेंडर और मेन पावर में भी काम करती है। सिंगरौली में डीबी पावर के नाम पावर प्लांट के लिए जमीन ली गई है। इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। 

फिल्म प्रोडक्शन
भास्कर ग्रुप की मुंबई में फिल्म प्रोड्यूसिंग कंपनी है। ये कंपनी कई फिल्मों में जॉइंट प्रोड्यूसर पार्टनर रही है। मुंबई में कंपनी का स्टूडियो भी है। 

एनजीओ
भास्कर ग्रुप अभिव्यक्ति नामक एनजीओ का संचालन भी करता है। इसे कई बार सरकार से बड़े अनुदान भी मिले हैं।

पब्लिकेशन हाउस
भास्कर ग्रुप पब्लिकेशन हाउस भी चलाता है। यह अखबारों की प्रिंटिंग और सरकारी प्रिंटिंग भी करता रहा है।

भास्कर समूह के प्रमुख बिजनेस
भोपाल में संस्कार वैली स्कूल, भोपाल के एमपी नगर में डीबी मॉल,  रायसेन के मंडीदीप क्षेत्र में भास्कर इंड्ट्रीज प्राइवेट लि. नाम से टैक्सटाइल फैक्ट्री, डीबी होम्स कॉलोनी (रियल एस्टेट)।