तीसरी लहर को रोकने कलेक्टरों ने बनाया तीन साल का रोडमैप, बनेंगे 2,832 अस्पताल

 11 Jun 2021 12:18 AM

भोपाल। प्रदेश के एक दर्जन से अधिक कलेक्टरों ने कोरोना की दूसरी लहर देखी। इनमें अधिकांश कलेक्टरों ने पहली लहर को सामान्य तौर पर लिया जिससे उन्हें कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दो जिले के कलेक्टर तो डॉक्टरी पढ़े हैं फिर भी महाराष्ट्र के नंदुरबार जैसे पिछड़े जिले के कलेक्टर डॉ. राजेन्द्र भरुड़ की तरह नहीं बन पाए। भरुड़ ने दूसरी लहर को भांपते हुए जिले में कई आक्सीजन प्लांट ही चालू नहीं किए बल्कि पड़ोसी जिलों को भी सप्लाई सुविधा उपलब्ध कराई। उन्होंने ग्रामीण अस्पतालों में 5,620 बेड के साथ महामारी को काबू करने और लड़ाई के लिए मजबूत हेल्थकेयर सिस्टम खड़ा किया। प्रदेश ज्यादातर कलेक्टरों ने अब तीसरी लहर से लड़ने के लिए मजबूत हेल्थ सिस्टम खड़ा किया है। सरकार के निर्देश पर हर जिले से तीन साल का रोडमैप तैयार किया है। जिलों ने अपना प्लान गुरुवार को शासन के पास भी भेज दिया। पन्ना कलेक्टर के नवाचार ‘एक बूथ, पूरा टीकाकरण’ को दिल्ली सरकार ने शुरू किया है। वहीं कोरोना के दूसरे लहर को हल्के में लेने वाले कलेक्टरों को अब संभावित तीसरी लहर में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।