सहकारिता: बड़े घोटालों पर जांच धीमी, डिफाल्टर प्रबंधक संभाल रहे समितियां

 04 May 2021 12:46 AM

भोपाल। प्रदेश में खाद-बीज और कर्ज के नाम पर उजागर हुए बड़े सहकारिता घोटालों की जांच कोरोना के चलते धीमी पड़ गई है। इससे पांच सौ से अधिक सहकारी समिति प्रबंधक और शाखा प्रबंधक कार्रवाई से बचे हुए हैं। कई प्रबंधक, सहकारिता कोर्ट की शरण में चले गए हैं। उधर विभाग ने जिन प्रबंधकों पर लाखों की वसूली निकाली है, उन्हें कई समितियों के प्रभार सौंपे हैं। प्रदेश में 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के अधीन तीन हजार से अधिक सेवा सहकारी समितियां हैं। इनमें मुख्यतौर पर होशंगाबाद, रीवा, सतना, छतरपुर, भिंड, मंदसौर सहित दो दर्जन जिलों में बड़े घोटाले सामने आए हैं। तीन माह में जांच कराने का आश्वासन: 1-2 दिसम्बर 2020 को मंदसौर और नीमच जिलें में ट्रांसपोर्टर व्यवसायी द्वारा गेहूं उपार्जन तथा खाद को सोसायटी तक पहुंचाने में हेराफेरी का प्रकरण प्रकाश में आया। 3.58 करोड़ की अनियमितता होना सामने आया। सब्सिडी की 1.63 करोड़ वसूली की कार्रवाई होना है।

पुलिस और ईओडब्ल्यू में पहुंचे मामले

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित होशंगाबाद की शाखा हरदा में नकद राशि के सत्यापन में 2,77,00,650 की राशि कम पाए जाने और हरदा जिले में शाखा का प्रकरण कोर्ट चला गया तथा जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में भ्रष्टाचार की दो शिकायतें पुलिस थाना एवं आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो के समक्ष विवेचनाधीन है।

153 सहकारी समितियां डिफाल्टर

􀂄 होशंगाबाद और हरदा जिले में कुल 244 सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इनमें 153 सहकारी समितियां डिफाल्टर हैं।

􀂄 भिंड जिले के लहार विकासखंड की सेवा सहकारी संस्था जाखौली में 31 मार्च 2020 की स्थिति में 31,16,240.34 रुपए की हानि होना सामने आया।

इन डिफाल्टर समिति प्रबंधकों दिए प्रभार

मामला 2017 का है। रीवा जिले में 20 समिति प्रबंधकों पर वसूली निकाली गई। ये सभी सहकारिता कोर्ट चले गए। इसके बाद इन्हें ही वर्ष 2019-20 एवं वर्ष 2020-21 में खाद वितरण के लिए लगाया गया। जैसे-गोविन्द प्रसाद पांडेय पर 0.45 हजार की वसूली है। इन्हें समिति बरहुला, डभौरा, चौखंडी एवं दोंदर का प्रभार दिया गया। गोपाल नारायण शर्मा से 0.47 हजार लेना है। मनगवां, टिकुरा, उमरी, दुअरा और बेलवा बईगैयान शाखा मनगवां का प्रभार मिला। भागीरथी यादव पर 13.91 लाख की वसूली निकली। इन्हें मुनिहाई एवं मिसिरगंवा शाखा हनुमना का प्रभार दिया। संतोष कुमार मिश्रा को पटेहरा, बहूती, करकचहा, पहाड़ी, हटवा का प्रभार, रामसुमिरन साकेत को जोधपुर, बन्नई, जौरोट एवं चिल्ल शाखा नई गढ़ी का प्रभार मिला। यहां तक कि सुमन प्रसाद पाठक पर 166.43 लाख की वसूली है। इन्हें समिति परसिया एवं त्यौंथर का प्रभार दिया गया। इस तरह गौरख धंधा प्रदेश की कई सहकारी समितियों में धड़ल्ले से वर्षों से चल रहा है।

हम पहले ही सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं

सहकारिता में पिछले सालों में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे हैं। हमने विभाग का मंत्री बनते ही समीक्षा की और अफसरों को निर्देश दिए कि हर मामले का रिव्यू करते हुए दोषी के खिलाफ कार्रवाई करें। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण होते ही सभी प्रकरणों की समीक्षा करेंगे। अरविंद सिंह भदौरिया, मंत्री सहकारिता