ऊर्जा मंत्री ने कहा- ना निजीकरण होगा, ना कंपनियां बंद होंगी, 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देने की योजना भी जारी रखेंगे

 19 Jan 2021 04:06 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कंपनियों के निजीकरण को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ किया कि मध्य प्रदेश में बिजली बोर्ड का विघटन कर बिजली कंपनियां बनाई गई थीं। लेकिन हम ना बिजली बोर्ड की तरफ वापस जाएंगे, ना बिजली कंपनियों का निजीकरण करेंगे। क्योंकि निजीकरण से रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे। 

मंत्री तोमर ने साफ किया कि 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली की योजना अभी भी चालू है। कांग्रेस इस पर भ्रम फैला रही है कि यह योजना बंद हो गई है, ऐसा बिल्कुल नहीं है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई इंदिरा गृह ज्योति योजना चालू है और 98 लाख लोग इसका लाभ ले रहे हैं। 

तोमर ने पार्टी बदलने के सवाल का जवाब दिया। कहा- जनसेवा हमारा पहला उद्देश्य है। मैंने मंच बदला है। अपना उद्देश्य नहीं। नई सरकार को लेकर कहा कि शिवराज कैबिनेट में मंत्रियों से लंबी बातचीत होती है। विकास पर चर्चा होती है। जबकि पहले ऐसा नहीं था।

तोमर ने कहा कि शिवराज सरकार में हमारी कोशिश यह है कि बिजली का बल्व हर गरीब के घर में जले। उपभोक्ता को पूरी सर्विस मिले। पिछले छह माह में ट्रिपिंग समस्या हुई है, मेंटेनेंस का समय घटा है। हर उपभोक्ता को अच्छी सर्विस देकर संतुष्ट करेंगे। समय पर बिजली बिल जमा करने, ऑनलाइन भुगतान करने, एडवांस भुगतान करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बिजली कंपनियों को निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना नहीं है।

7 फरवरी को मंत्रालय घेरेंगे बिजली कर्मचारी और अधिकारी
बिजली कंपनियों के निजीकरण का विरोध कर रहे प्रदेश के बिजली कर्मचारी और अधिकारी 7 फरवरी को वल्लभ भवन का घेराव करेंगे। इसके लिए कंपनी के गोविंदपुरा कार्यालय से वल्लभ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। ऊर्जा मंत्री से मिलकर यूनाईटेड फोरम फॉर पावर इम्पलॉय एंड इंजीनियर्स ने इसकी जानकारी दी है। इस दिन सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।