फैमिली मर्डर की साइड स्टोरी: 8 महीने से बेरोजगार था इंजीनियर और उसकी पत्नी, आर्थिक तंगी ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया

 28 Aug 2021 05:59 PM

भोपाल। मिसरोद इलाके में आर्थिक तंगी से एक पूरा परिवार उजड़ गया। शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सिविल इंजीनियर ने पहले बेटा का कटर से गला काटा। इसके बाद बेटी का गला काटते वक्त कटर मशीन खराब हो गई। इससे उसकी जान बच गई। बाद में दंपती ने जहर पी लिया। घटना में सिविल इंजीनियर और बेटे की मौत हो गई। जबकि मां और बेटी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

मिसरोद पुलिस के मुताबिक, यहां 102 मल्टी सहारा एस्टेट में रवि ठाकरे (55 साल) अपनी पत्नी रंजना ठाकरे (50 साल), बेटा चिराग ठाकरे (16 साल) और बेटी गुंजन ठाकरे (14 साल) के साथ रहते थे। रवि गोविंदापुरा की एक कंपनी में सिविल इंजीनियर थे। लॉकडाउन की वजह से नौकरी छूट गई थी। पत्नी रंजना ब्यूटी पार्लर चलाती थीं। उनका भी काम बंद हो गया। दोनों की बेरोजगारी से घर चलाना मुश्किल हो गया था। बेटा और बेटी की पढ़ाई चल रही थी। घर के खर्चे के लिए भी उधारी लेनी पड़ रही थी। 

पत्नी रंजना 8 महीने से डिप्रेशन में...
पड़ोसी बताते हैं कि दंपती डिप्रेशन में थे। घर में छोटी-छोटी बातों पर विवाद होता था। गुस्से में रंजना पत्थर भी फेंकने लगीं। उनका इलाज भी चल रहा था। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो मायके वाले अपने साथ ले गए थे। 6 महीने पहले वह फिर से आ गईं थीं।

आर्थिक तंगी से परेशान सिविल इंजीनियर ने पत्नी के साथ पीया जहर, बेटे और बेटी का कटर से काटा गला, बाप-बेटे की मौत

पत्नी ने पड़ोसियों को फोन कर जानकारी दी
पत्नी ने ही सुबह एक पड़ोसी को हादसे की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना था कि दरवाजा अंदर से बंद था। तोड़कर अंदर पहुंचे और देखा तो एक कमरे में रवि और रंजना बेहोश पड़े थे। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। दूसरे कमरे में चिराग और गुंजन खून से लथपथ पड़े थे। चारों को तत्काल हमीदिया अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने रवि और चिराग को मृत घोषित कर दिया। जबकि गुंजन और रंजना की हालत गंभीर है।

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बेरोजगारी में घर की आर्थिक हालत बिगड़ गई थी
पुलिस को मौके पर खून से सनी टाइल्स कटर और सुसाइड नोट मिला है। जिसमें आर्थिक तंगी, घर पर लिए लोन की किश्तें ड्यू होने और नौकरी ना मिलने के चलते जान देने की बात लिखी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि दंपती को जॉब नहीं मिल रहा था। कर्ज पर ब्याज बढ़ रहा था। रोज-मर्रा के खर्चे चलाने में भी दिक्कत होने लगी थी। 

सुसाइड नोट में लिखा- बच्चे अच्छे नंबर लाते थे, मगर इससे पेट नहीं भरता
रवि ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह 2 साल से बच्चों की फीस नहीं भर पा रहा था। दोनों बच्चे पढ़ने में होशियार हैं। बच्चे अच्छे नंबर लाते थे, लेकिन अच्छे नंबर से पेट नहीं भरता है। वह किराए के घर में रहता है। खुद का घर है लेकिन उस पर बैंक लोन है। जिसे वह चुका नहीं पा रहा है। यह भी बताया कि वह 20 साल से सिविल इंजीनियरिंग की लाइन में काम कर रहा था।

ऐसे दिया घटना को अंजाम...
शुक्रवार रात रवि ने घर में रखी टाइल्स काटने की मशीन से कमरे में सो रहे बेटे चिराग ठाकरे का गला काटा, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में उसने बेटी गुंजन ठाकरे का उसी कटर से गला रेतना चाहा। गनीमत रही कि मशीन खराब हो गई और बेटी का आधा ही गला कट सका, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद में उसने पत्नी रंजना ठाकरे को कीटनाशक दवा पिलाई, फिर खुद भी वही दवा पी ली। इससे रवि की मौत हो गई। जबकि पत्नी की हालत नाजुक बनी हुई है।