आधी कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट चालू, आधी में बंद, शिकायत पर कहा-कॉलोनी अवैध है

 18 Oct 2020 12:54 AM  63

भोपाल। कोलार रोड स्थित मंदाकिनी कॉलोनी में रहने वाले कैलाश रघुवंशी ने अपनी कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत सीएम हेल्प लाइन पर दर्ज कराई थी । उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन जवाब सुनकर वह हैरत में पड़ गए। उन्हें जो जवाब मिला, उसमें लिखा था कि कॉलोनी नगर निगम (विद्युत) शाखा को हस्तांतरित नहीं है। लिहाजा स्ट्रीट लाइट सुधारी नहीं जा सकती। जबकि इसी कॉलोनी की आधी स्ट्रीट लाइट चालू हैं। उनके जैसे जितने भी लोगों ने स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत की, सभी को यही जवाब मिला। अहम बात यह है कि सीएम हेल्प लाइन एल-3 लेवल पर नगर निगम आयुक्त ने यह बेतुका जवाब देते हुए शिकायत बंद कराई है। कैलाश रघुवंशी कहते हैं, वह कॉलोनी में 2003- 04 से रह रहे हैं, तब से स्ट्रीट लाइट लगी है। वह कहते हैं, दो महीने से कॉलोनी की आधी स्ट्रीट लाइट बंद हैं। हमने इसकी शिकायत नगर निगम कॉल सेंटर से लेकर संबंधित अधिकारियों से की। इसके बाद सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज कराई, तो जवाब मिला कि कॉलोनी नगर निगम को हस्तांतरित नहीं है। लिहाजा निगम मेंटेनेंस नहीं करेगा, जबकि कॉलोनी की आधी स्ट्रीट लाइट चालू हैं और इनका मेंटेनेंस निगम कर रहा है। ये बात हमारी समझ से बाहर है कि जब कॉलोनी हैंडओवर नहीं तो आधी लाइटों का मेंटेनेंस कैसे किया जा रहा है ।

तीन दिन में शिकायत की बंद

कॉलोनी निवासी विजय श्रीवास्तव ने बताया कि 13 अक्टूबर को उन्होंने सीएम हेल्प लाइन में स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत की थी, जिसे नगर निगम ने 16 अक्टूबर को बंद कर दिया। जवाब में कहा गया कि कॉलोनी निगम को हस्तांतरित नहीं है। ऐसे में स्ट्रीट लाइट संचालन और संधारण कार्य नहीं किया जा सकता। साथ ही ये भी बताया गया कि शिकायत को एल-3 अधिकारी निगम आयुक्त वीएस चौधरी द्वारा बंद किया गया है।

सुविधाएं नहीं देने के लिए ये बहाने बनाते हैं निगम अफसर : शहर के सरहदी इलाकों में तेजी से कॉलोनियां विकसित हुई हैं। यह कॉलोनियां अवैध की श्रेणी में आती हैं। लिहाजा नगर निगम इन कॉलोनियों में किसी भी तरह की बुनियादी सुविधाएं देने से इंकार करता है।