हॉस्टल से निकाले जाने के नोटिस के बाद जीएमसी के बाहर सामान रखकर जूडॉ कर रहे हड़ताल, मंत्री सारंग ने कहा - बातचीत के लिए हमारे द्वार हमेशा खुले

 05 Jun 2021 01:46 PM

भोपाल। प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल लगातार छठवें दिन भी जारी है। हाईकोर्ट के 24 घंटे के भीतर हड़ताल समाप्त करने के आदेश के बाजवूद भी जूडा का विरोध प्रदर्शन जारी है। आज सुबह खून से सने एप्रिन (प्रतिकात्मक) के साथ ही ब्लड डोनेट कर जूडा अपना विरोध प्रकट रह रहे हैं तो वहीं आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि जूनियर डॉक्टर्स से बातचीत के लिए हमारे द्वार हमेशा खुले हुए हैं। हम बातचीत के लिए तैयार हैं, मरीजों का इलाज सर्वोपरि है। इधर, जूनियर डॉक्टर्स को जीएमसी प्रबंधन ने हॉस्टल खाली करने का नोटिस भी दे दिया है, जिसके चलते जूडॉ अपना सारा सामान मेडिकल कॉलेज के बाहर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर्स आज संभवत: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को उनके सामने रख सकते हैं। बता दें कि प्रदेशव्यापी इस हड़ताल के समर्थन में देश के करीब 50 संगठन जूडा के समर्थन में आ गए हैं। 

सरकार तो जूडॉ की मांगों को मान चुकी है : सारंग
आज जूडॉ की मांगों को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि इस पूरे मामले में हाईकोर्ट ने जो निर्देश दिए हैं उसका पालन सबाके करना चाहिए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि हड़ताल समाप्त की जाए और हाईकोर्ट ने जो कमेटी का गठन किया है जूडॉ हड़ताल समाप्त कर उस कमेटी के साथ अपनी बातचीत कर सकता है। हमारे द्वार तो हमेशा से बातचीत के लिए खुले हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मैंने हर समय बात की है। सरकार तो जूडॉ की मांगे भी मान चुकी है। मुख्य मुद्दा तो यह है कि क्या हम हाईकोर्ट के निर्णय का पालन नहीं करेंगे? क्या हम हाईकोर्ट और संविधन से ऊपर हो गए? हाईकोर्ट ने कहा है कि जूनियर डॉक्टर्स को अपनी शपथ के हिसाब से मरीजों का इलाज करना चािहए। हम भी उनसे यही निवेदन कर रहे हैं, हमने उनका स्टायपेंड भी बढ़ाया है। उनकी बाकी भी मांगे मान ली। 

वैश्विक महामारी में जान पर खेलकर काम किया, वहां सम्मान की जगह अपमानित कर निकाला जा रहा बाहर 
इधर, जूनियर डॉक्टर्स को हॉस्टल खाली कराने के आदेश जीएमसी प्रबंधन ने दे दिए हैं। जिसके बाद जूनियर डॉक्टर्स हॉस्टल खाली कर सामान मेडिकल कॉलेज के सामने रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जूडा का कहना है कि शासन की दमनकारी नीतियों के अंतर्गत कुछ लोगों को हास्टल के कमरे खाली कराने के आदेश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि जिस कॉलेज में जान पर खेलकर, घर से दूर रहकर पिछले साल से वैश्विक महामारी में प्रदेश की सेवा की आज उसी कालेज से सम्मान देने के बजाए अपमानित करके हास्टल निकालने के आदेश दिये गये हैं। हमने सरकार के किए वादे ही उनसे मांगे हैं, क्या ये सरकार की हठधर्मिता नहीं है? क्या कोरोना सम्मान, कोरोना योद्धा ये सब दिखावा था? मध्यप्रदेश जूडा पूछना चाहता है कि सरकार कब वादाखिलाफी छोड़ कर अपने वादों पर अमल करेगी जिससे कि स्वास्थ्य व्यवस्था फिर से सुचारू चल सके। 

‘कांग्रेस नेता कर रहे हैं जूडॉ को गुमराह’
मंत्री सारंग ने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ कांग्रेस के नेता मरीजों के खिलाफ बात कर रहे हैं और उन्हें गुमराह कर रहे हैं। हमारे जूनियर डॉक्टर्स बहुत अच्छे हैं। जूडॉ कहीं न कहीं कांग्रेस के नेताओं से गुमराह हो गए हैं। अब बिना बात के नेता लोग टवीट कर रहे हैं, जिन्हें मुद्दा ही नहीं पता, इसका मतलब उनका ट्वीट पीड़ित मानवता के खिलफ है, मरीजों के खिलाफ है। क्या इस महामारी के समय किसी तरह की हड़ताल युक्तियुक्त है, न्योयाचित है क्या? जो नेता इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं इसका मतलब सीधा-सीधा वो मरीजों का विरोध कर रहे हैं, पीड़ित मानवता का विरोध कर रहे हैं। वो समाज के इन लोगों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें इलाज की जरूरत है।