जूडा का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन : खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में लगाई ओपीडी, मांगे पूरी नहीं हुई तो 13 को हड़ताल तय

 08 Apr 2021 01:22 PM

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भोपाल। अपनी पांच सूत्रीय मांगों का निराकरण न होने के चलते जूनियर डॉक्टर्स ने आज हमीदिया अस्पताल परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। जूडा ने विरोध प्रदर्शन स्वरूप करीब 10 विभागों की ओपीडी का संचालन अस्पताल के बाहर खुले आसमान के नीचे चिलचिलाती धूप में किया। यहां मरीजों को उन्होंने उपचार और जांच भी की और उन्हें दवाएं भी लिखी। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा ने बताया कि कोरोना संक्रमणकाल के दौरान मूलभूत सुविधाओं और जूनियर डॉक्टर्स की लंबित मांगों का निराकरण न होने के चलते आज सांकेतिक प्रदर्शन जूनियर डॉक्टर्स द्वारा किया गया। जूनियर डॉक्टर्स द्वारा आज अस्पताल के भीतर न तो मरीजों को देखा गया और न ही सामान्य ऑपरेशन किए गए, बल्कि विरोध स्वरूप समानांतर ओपीडी चलाकर हमने सेवाएं दी है। डॉ. मीणा ने बताया कि आज की हमारी यह हड़ताल नहीं है, बल्कि सांकेतिक विरोध प्रदर्शन है। जिसके चलते हमने हमारी 5 मांगों के पूरा न होने के चलते हमीदिया अस्पताल के परिसर में ही पैरलल ओपीडी (समानांतर ओपीडी) लगाकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। 

 

13 अप्रैल को आंदोलन करने को मजबूर होंगे जूडा
इधर, डॉ. मीणा ने बताया कि 12 अप्रैल को चिकित्सा शिक्षा मंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक है, जिसमें हम अपनी तमाम मांगों को उनके समक्ष रखेंगे। उस दौरान यदि हमारी मांगों को स्वीकृति नहीं मिलती है तो 13 अप्रैल को जूडा को आंदोलन पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

ये हैं जूनियर डॉक्टर्स की मांगें : 
भोपाल जूडा प्रेसीडेंट डॉ. अरविंद मीणा ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल का एक साल पूरा हो गया है, इस बीच उन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की और दिन-रात एक करते हुए लगातार काम किया। इस बीच तमाम संसाधनों के अभाव में होने के बावजूद भी सरकार और प्रशासन से कोई डिमांड नहीं की, लेकिन अब एक बार फिर से इस वायरस ने अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है, ऐसे में सरकार से जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन मप्र मांग करता है कि कोविड वार्ड्स में डॉक्टरों की वैकल्पिक व्यवस्था कर अति गंभीर मरीजों को ही हमीदिया भेजा जाए। इसके साथ ही कोरोना वॉरियर्स को दिए जाने वाले भत्ते को मय एरियर के साथ भुगतान किया जाए और जूडा द्वारा एक साल तक सतत किए गए इस काम को देखते हुए 10 नंबर का प्रशस्ति पत्र सरकार की ओर से मिले, जो भविष्य में मेडिकल कॉलेज में आवेदन करते वक्त काम आ सके।