मध्य प्रदेश में 3 साल में 93 बाघों की मौत, इनमें 25 का शिकार किया गया: वन मंत्री ने विधानसभा में बताया

 01 Mar 2021 07:28 PM

भोपाल। टाइगर स्टेट के रूप में चर्चित मध्य प्रदेश में पिछले तीन सालों में 93 बाघों की मौत हो गई। इनमें 25 अवैध शिकार के कारण मारे गए हैं। यह आंकड़े प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह ने सोमवार को विधानसभा के पटल पर रखे। 

दरअसल, कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने प्रदेश में बाघों की मौत की जानकारी के संबंध में सरकार के सवाल पूछा था। इसी का जवाब वन मंत्री ने विधानसभा में लिखित रूप से दिया।

मंत्री ने बताया कि 01 जनवरी 2018 से 01 जनवरी 2021 तक 25 बाघों का अवैध शिकार किया गया। मामलों में 77 लोगों को पकड़ा गया। बाघों की मौत प्राकृतिक कारणों, बीमारियों, आपसी संघर्ष, बुढ़ापे आदि के कारण हुई है।

2018 में बाघों की आबादी के अनुसार, मध्य प्रदेश में 526 बाघ हैं। इनमें बांधवगढ़ में 104 बाघ शामिल हैं।

वन विभाग के मुताबिक, कान्हा रिजर्व में 88, पेंच रिजर्व में 61, पन्ना रिजर्व में 25, सतपुड़ा रिजर्व में 40 और संजय रिजर्व और नौरादेही सेंचुरी में पांच-पांच बाघ पाए गए। इसके अलावा, रतापानी, सिंघोरी और खिवानी सेंचुरी में 45 बाघ पाए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि राज्य में बाघ नेचुरल रूप से नहीं पाए जाते हैं। यहां कूनो नेशनल पार्क को एशियाई शेर के प्रजनन के लिए विकसित किया गया है।