2017 से फरार चल रहा मानव तस्करी व खरीद फरोख्त का आरोपी गिरफ्तार, जीआरपी ने राजस्थान से दबोचा, 5 आरोपी पहले आ चुके हैं पकड़ में

 03 Apr 2021 06:53 PM

भोपाल। साल 2017 से फरार चल रहे इनामी बदमाश को थाना जीआरपी भोपाल ने मानव तस्करी और खरीद फरोख्त के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी के अन्य 5 सहयोगियों को पुलिस 4 साल पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी पहचान छुपाकर अलग-अलग स्थानों में रहकर फरारी काट रहा था। जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक फरवरी 2017 में एक अज्ञात महिला ने पीड़ित महिला को पूड़ी में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया और बाद में उसे आरोपी भगवान सिंह के सुपुर्द कर दिया। भगवान सिंह बिचौलिया का काम कर 5 अन्य आरोपियों के साथ 4 लाख खरीद फरोख्त कराई। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन फरारी काट रहे बदमाश को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। 

 

यह है पूरा मामला : 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिमा मैथ्यू ने जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी 2017 से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हमें मिली है। 18 फरवरी 2017 को पीड़ित महिला भोपाल से मथुरा जाने के लिए रेलवे स्टेशन भोपाल पर आई थी, जहां एक अज्ञात महिला से चर्चा हुई। सुनील कहार नाम का व्यक्ति पीड़ित महिला के साथ था। अज्ञात महिला ने सुनील कहार और पीड़ित महिला को पूड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। जिससे पीड़िता और सुनील कहार दोनों की बेहोशी जैसी हालत में मथुरा ले गई। वहां मौजूद महेन्द्र सिंह ने पीड़ित महिला की खरीद फरोख्त के लिए भगवान सिंह से संपर्क किया। आरोपी भगवान सिंह गुर्जर ने बिचोलिये का काम करते हुए पीड़ित महिला को किशन, बस्तीराम, सुरेश और पूनम को 4 लाख रुपए में खरीद फरोख्त की कार्रवाई की। 

पीड़ित महिला को किशन, सुरेश और पूनम के द्वारा 5 मार्च तक अलग-अलग जगह पर बंद करके रखा गया। किशन गुर्जर ने पीड़ित महिला के साथ कई बार जबरदस्ती बलात्कार किया। इस मामले की शिकायत जब पुलिस तक पहुंची तब विवेचना के दौरान 2018 में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 2 फरार आरोपियों के पतारसी के लिए अधिकारियों ने निर्देशित किया तब इसी साल 15 जनवरी 2021 को महेन्द्र सिंह ठाकुर को जीआरपी ने गिरफ्तार किया। 

 

आधा दर्जन स्थानों पर पुलिस ने दी दबिश
फरार चल रहे भगवान सिंह गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल ने आरोपी की सूचना और गिरफ्तारी के लिए 5 हजार के ईनाम की घोषणा की। इसके बाद गिरफ्तारी के लिए फिर से एक टीम का गठन किया गया और 31 मार्च को आरोपी के मिलने वाले संभावित स्थानों डींग, गोवर्धन, खोह, तुषारनगरा, गुहना, टाकोली, महमदपुर, मोह्नाका समेत कई स्थानों पर दबिश दी गई, आखिरकार आरोपी को नगला मेहरानिया से गिरफ्तार किया गया। 

 

जीआरपी की इस टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे मामले में आरोपी की गिरफ्तारी में जीआरपी टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें उप निरीक्षक श्वेता सोमकुंवर, आरक्षक रानू अतुलकर, अनिल सिंह और मनोज मरावी की भूमिका रही।