बजट सत्र कल 11 बजे तक स्थगित: राज्यपाल ने कहा- सरकार ने विषम परिस्थितियों में कार्यभार संभाला था, बीते 11 महीने में अस्पताल प्रबंधन पर खास ध्यान दिया गया

 22 Feb 2021 02:58 PM

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। सामयिक अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत बताई। उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए विधायकों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। साथ ही आग्रह किया कि सभी सदस्य दिशानिर्देशों का पालन करें। 
उन्होंने बताया कि लगभग पौने आठ माह के सामयिक अध्यक्ष के कार्यकाल में अपने दायित्वों को निभाया और कई पहल की। उन्होंने सदन के नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ और संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का आभार माना। 
सदन के नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वरिष्ठ विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने का प्रस्ताव रखा। संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने उसका समर्थन किया। गिरीश गौतम को अध्यक्ष बनाने के लिए कुल 11 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ ने निर्विरोध निर्वाचन का प्रस्ताव रखा, डॉक्टर गोविंद सिंह ने उनका समर्थन किया, प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने गिरीश गौतम के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। सदन के नेता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ उन्हें आसंदी अभिवादन किया।

 

 

 

सदन की कार्यवाही लाइव...

राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त, सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा- सरकार ने विषम परिस्थितियों में कार्यभार संभाला था। वह दौर कोरोना महामारी का था। आर्थिक स्थिति खराब थी। सरकार ने इस चुनौती का सामना किया।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कोरोना से लोगों की रक्षा की। कोविड पीड़ितों के उपचार के लिए पर्याप्त संसाधन चुनौती थी। 

टेस्टिंग लैब की संख्या, ऑक्सीजन बैड की संख्या बढ़ाई गई। बीते 11 महीने में अस्पताल प्रबंधन पर खास ध्यान दिया गया।

लॉक डाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई। सीएम प्रवासी योजना के जरिए 1 लाख 55 हजार श्रमिकों को राशि भेजी गई। श्रम सिद्धि अभियान से रोजगार मुहैया कराए गए। इस बीच राज्यपाल ने कोरोना योद्धाओं श्रद्धांजलि अर्पित की। 

उन्होंने कहा- एमपी ने सबसे पहले आत्म निर्भर एमपी का रोडमैप तैयार किया। सीएम हेल्पलाइन से लोगों को कई सुविधाएं दी जा रही हैं। 

सुशासन की संकल्पना के लिए भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। 3 हजार एकड़ से ज्यादा भूमि मुक्त कराई गई। चिटफंड कंपनियों से भी लोगों को राशि वापस कराई गई। 

सरकार ने धर्म स्वतंत्र विधेयक पारित किया है। अगवा बेटियों को बचाने का अभियान चलाया गया। माफिया के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। किसानों को बिजली उपलब्धता के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने बताया कि कृषि कार्य के लिए 22 लाख उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है। नवकरणीय ऊर्जा में 10 गुना वृद्धि हुई है। आगर, शाजापुर, नीमच में सोलर परयोजना शुरू की गई हैं। 

सड़कों के नेटवर्क के सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा- 1 हजार 700 किमी से ज्यादा सड़कों का नवीनीकरण किया गया है। 2021-22 में 5 हजार किमी से ज्यादा सड़को का निर्माण किया जाएगा। 

स्वच्छ भारत मिशन में प्रदेश को तीसरा स्थान मिला। 2 करोड़ 7 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड सत्यापित किए गए। 1 लाख 80 हजार से ज्यादा लाडलियों को छात्रवृत्ति दी गई।

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण शुरू

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा राज्यपाल की अगवानी करने के लिए मौजूद

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा पहुंची
थोड़ी देर में राज्यपाल का अभिभाषण होगा प्रारंभ
सदन की कार्यवाही 12:15 तक के लिए स्थगित, उसके पश्चात राज्यपाल का अभिभाषण होगा

 

सीएम ने किया लिफ्ट की घटना का जिक्र
सीएम शिवराज ने इंदौर में रविवार को हुई लिफ्ट घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा- मैंने लिफ्ट दुर्घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। हम सब चाहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष जी स्वास्थ्य रहें। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं मनभेद नहीं होना चाहिए। हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि लिफ्ट में चढ़ने से पहले सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे। इस बीच कमलनाथ ने सीएम शिवराज को धन्यवाद दिया कि सीएम ने एक घण्टे में जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं। ये घटना तो गुजर गई, आगे ऐसा न हो इसके लिए टेक्निकल समिति बनाकर काम करना चाहिए। इसके बाद सीएम शिवराज ने सदन में ऐलान किया कि लिफ्ट के मामले देखने के लिए टेक्निकल समिति बनाई जाएगी।

 

सदन शासन का नहीं, विपक्ष का है- कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी गिरीश गौतम का समर्थन किया। उन्होंने कहा- कल की घटना के बाद आज मेरा आना मुश्किल था। लेकिन, आपके और सदन के सम्मान में मेरा यहां रहना आवश्यक है। मैं अध्यक्ष जी को बधाई देता हूं। मैं प्रोटेम स्पीकर को भी इतने लंबे सफर के लिए बधाई देता हूं। मैं पूर्व स्पीकर एनपी प्रजापति जी को भी धन्यवाद देता हूं, क्योंकि उन्हें बधाई देने का मौका नहीं मिला। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा- ये सदन शासन का नहीं विपक्ष का है। क्योंकि, शासन का तो मंत्रालय होता है। एमपी विधानसभा देश के लिए उदहारण बने हम सब ऐसा चाहते हैं। सदन केवल आलोचना का नहीं होता। सदन की कार्यवाही में विपक्ष को मौका मिलेगा हम अध्यक्ष जी से उम्मीद करते हैं।

 

शिवराज ने कमलनाथ से की मुलाकात
विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व CM व कांग्रेस नेता कमलनाथ के आवास पर पहुंचकर मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार को इंदौर के डीएनएस अस्पताल गए थे इस दौरान लिफ्ट नीचे गिर गई। उनके साथ कांग्रेस विधायक सज्जन वर्मा, जीतू पटवारी समेत अन्य नेता भी लिफ्ट में सवार थे।

 

 

उपाध्यक्ष कौन होगा यह सीएम व संगठन तय करेगा: नरोत्तम
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि परंपरा के हिसाब से उपाध्यक्ष पद विपक्ष के पास रहता आया है, लेकिन पिछले सत्र में परंपरा हमने नहीं तोड़ी थी। कांग्रेस ने तोड़ी थी। उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिए जाने की परंपरा पुरानी थी, जिसे कांग्रेस ने तोड़ा था। उपाध्यक्ष कौन होगा यह मुख्यमंत्री और संगठन तय करेगा। इधर, राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि क्षेत्रीय असंतुलन की आज पूर्ति हो गई।

यह विधेयक होंगे पेश

  • सहकारी सोसायटी संशोधन विधेयक
  • लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी संशोधन विधेयक
  • वैट संशोधन विधेयक
  • राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन विधेयक
  • मध्यप्रदेश निजी विवि द्वितीय संशोधन विधेयक
  • मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विवि संशोधन विधेयक
  • डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विवि संशोधन विधेयक
  • पंडित एसएन शुक्ला विवि संशोधन विधेयक
  • मप्र मोटर स्पिरिट उपकर संशोधन विधेयक
  • मध्यप्रदेश हाई स्पीड डीजल उपकर संशोधन विधेयक
  • मध्यप्रदेश विनियोग संशोधन विधेयक 
  • धार्मिक स्वतंत्रता संशोधन विधेयक

 

महाशिवरात्रि के पहले खत्म हो सकता है सत्र
बजट सत्र महाशिवरात्रि (11 मार्च) के पहले ही समाप्त होने के आसार हैं। आज शुरू हुए सत्र में मुख्य रूप से वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया जाना है। 26 मार्च तक निर्धारित इस 33 दिवसीय सत्र में 23 बैठकें होना हैं, लेकिन इसकी संभावना बहुत कम है। सदन में 2 मार्च को बजट पेश किया जाएगा।

 

गिरीश गौतम: 2003 में पहली बार बने विधायक

  • 1972 से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। 1977 से लगातार किसानों एवं मजदूरों के लिए संघर्ष किया। 2003 में पहली बार विधायक बने। विधानसभा की लोक लेखा, महिला एवं बाल कल्याण, अजा-जजा तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य रहे। माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं गृह तथा शिक्षा विभाग की सलाहकार समितियों के सदस्य रहे।
  • 2008 में दूसरी बार विधायक बने। इस दौरान प्राक्कलन, विशेषाधिकार, सार्वजनिक उपक्रम समितियों के सभापति रहे।
  • वर्ष 2013 में तीसरी बार विधायक बने। इस कार्यकाल में वे जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि जबलपुर की प्रबंध सभा के सदस्य, उत्तर-मध्य रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
  • वर्ष 2018 में वे चौथी बार चुनाव जीत कर विधायक बने

 

17 साल बाद विंध्य के खाते में
विधानसभा अध्यक्ष का बाद 17 साल बाद एक बार फिर विंध्य के खाते में जाएगा। विंध्य के कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी 9 साल 352 दिन विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उनका दो बार का कार्यकाल दिग्विजय सरकार के दौरान 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक रहा।