अब डिजिटल प्लेटफार्म पर भी लड़ेगी भाजपा

 08 Apr 2021 12:34 AM

भोपाल। दमोह विधानसभा उपचुनाव की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव कर दिया है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पार्टी ने वर्चुअल चुनावी सभा, घर-घर दस्तक और सोशल मीडिया के जरिए जनसंपर्क तेज करने की योजना बनाई है। ग्राफिक्स, डिजाइन के साथ आकर्षक वीडियो और क्षेत्र के सभी 361 बूथ पर सोशल योद्धाओं की तैनाती की गई है। चुनावी दंगल को रोचक और आक्रामक बनाने के लिए भाजपा ने अपनी भारी-भरकम आईटी टीम मैदान में उतार दी है। विधानसभा के सभी 361 बूथों पर एक-एक वाट्सएप ग्रुप और प्रभारी भी बनाए गए हैं। बीजेपी फॉर दमोह और भाजपा प्रत्याशी का पेज भी बनाया गया है। भाजपा ने सोशल मीडिया के सभी माध्यमों पर पार्टी की प्रचार सामग्री के छोटे-छोटे कैप्सूल तैयार कराए हैं। इनमें लोकप्रिय गानों की पैरोडी व फिल्मी दृश्यों की क्लिपिंग्स में भाजपा का संदेश और प्रचार सामग्री को समाहित कर क्षेत्रीय वाट्सएप ग्रुप पर वायरल किए जा रहे हैं। गद्दार-बिकाऊ जैसे आरोपों की काट कांग्रेस द्वारा भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ गद्दार, बिकाऊ और टिकाऊ जैसे आरोपों की काट भी तैयार की गई है। पलटवार के रूप में उन स्थितियों को उभारा जा रहा है जिनकी बदौलत यह स्थिति बनी। स्पष्टीकरण देते हुए भाजपा ने इसके पीछे जनहित की वजह ही बताई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की कमल नाथ सरकार के 15 महीनों का लेखा-जोखा और कमियों को भी उभारा जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र के हर बूथ पर सोशल योद्धाओं की टीम इस काम में जुटी है। प्रदेश भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के संयोजक शिवराज डाबी बताते हैं कि हमने कोविड की गाइडलाइन के मुताबिक ही अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू किया है। कोशिश यही है कि मतदाताओं से आनलाइन संपर्क और वर्चुअल सभाएं ज्यादा हों। नवंबर में 28 सीटों पर हुए उपचुनाव के अनुभव और नतीजे भी हम दमोह के मतदाताओं को बता रहे हैं। सभी बूथों पर सोशल योद्धा तैयार किए गए हैं जो कि क्षेत्रीय लोगों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में हैं।

कम करेंगे बड़ी सभाएं

मुख्यमंत्री की ‘स्वास्थ्य आग्रह’ मुहिम के बाद से यह तय हो गया है कि भाजपा का जोर अब भीड़ वाले कार्यक्रमों पर नहीं रहेगा। बड़ी सभाएं कम होंगी, यही वजह है कि भाजपा ने इस बार सोशल योद्धाओं के साथ बूथ मजबूती की रणनीति पर सारी ताकत लगाई है।

जंग में उतरे कांग्रेस के महारथी, लगाया दम

भोपाल, दमोह । गर्म होते पारे के बीच दमोह में अब प्रचार की सरगर्मियां तेज हो गई है। आखिरी चरण के चुनाव प्रचार में भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज जोर लगाने को तैयार हैं। 17 अप्रैल को मतदान के पहले दोनों दलों के दिग्गज दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, उमा भारती, शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया पसीना बहाते नजर आएंगे। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार को आडे हाथ लिया। दमोह में आखिरी दौर के चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारना शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव से अब तक दूर रहे दिग्विजय सिंह और मुकुल वासनिक को भी मैदानी खंदक की लड़ाई के लिए तैयार किया है। आखिरी दौर के चुनाव प्रचार में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी पूरा दम लगा रहे हैं। पार्टी की तरफ से दिग्विजय सिंह 10 अप्रैल को दमोह में चुनाव प्रचार करेंगे, जबकि 12 और 13 अप्रैल को प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक उपचुनाव की कमान संभालेंगे। वहीं आखिरी दौर के प्रचार में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पुन: 14 अप्रैल को दमोह में कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करेंगे।

दमोह में प्रजातंत्र का निधन हुआ, इस सच्चाई को सभी को समझना होगा: नाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को दमोह से कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन के समर्थन में बादंकपुर एवं इमलिया में जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में कई तरह के चुनाव आते हैं, लोकसभा, विधानसभा, निकाय और पंचायत चुनाव। बुनियादी सवाल ये है कि दमोह में उपचुनाव क्यों हो रहा है।

वीडी से बोले कमल नाथ, तो मेरे लिए अब क्या बचा

चुनाव प्रचार के दौरान दमोह के प्रसिद्ध जागेश्वर शिव मंदिर में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और पीसीसी चीफ कमल नाथ का आमना-सामना भी हुआ। दोनों के बीच रोचक चर्चा भी हुई। भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने ट्वीट में दावा किया शर्मा ने नाथ से कहा-मैंने तो आशीर्वाद ले लिया। इस पर कमल नाथ बोले - तो अब मेरे लिए क्या बचा है।