अब मध्य प्रदेश में भी शराब की होम डिलीवरी होगी, नई आबकारी नीति में प्रस्ताव कैबिनेट को मंजूरी के लिए भेजा

 12 May 2021 12:02 PM

भोपाल। छत्तीसगढ़ की तरह अब मध्य प्रदेश सरकार भी शराब की होम डिलीवरी पर विचार कर रही है। आबकारी विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा है। इसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार के लिए कैबिनेट के पास वापस भेज दिया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है।

मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2020-21 के लिए आबकारी नीति में विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री का प्रस्ताव बनाया गया है। नई नीति एक अप्रैल से लागू होने वाली थी, लेकिन सरकार ने कोरोना महामारी के चलते मौजूदा ठेकों को दो माह के लिए 5% लाइसेंस फीस बढ़ाकर जारी रखा है। नीति के तहत शराब की दुकानें बढ़ाने का प्रस्ताव भी था, लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा था कि नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी।

इन चार शहरों से होगी शुरुआत
आबकारी सूत्रों की मानें तो प्रस्तावित नीति से नई शराब दुकानें खोलने का बिंदु हटा लिया गया है, जबकि विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री बिंदु है। इसे कैबिनेट में स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पहले चरण में प्रदेश के चारों बड़े शहरों में ऑनलाइन शराब बेची जाएगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में इस व्यवस्था को शुरू किया जाएगा। इसमें दुकानदार को ऑर्डर मिलेगा और डिलीवरी ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर द्वारा की जाएगी। हालांकि मुख्यमंत्री ने पूरे प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया है।

प्रस्ताव में यह भी सुझाव हैं
नए सिस्टम को संचालित करने के लिए मोबाइल ऐप बनाने का जिक्र है। इसी के जरिए दुकान संचालक को ऑर्डर होगा। खरीदने वाले को मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड आदि पहचान पत्र के माध्यम से सत्यापन करने के बाद ऐप पर रजिस्टर्ड किया जाएगा। 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। ऐप पर उपभोक्ता के निवास स्थान से पास की दुकानों में शराब के स्टॉक और दर की सूची प्रदर्शित होगी।