शिवराज सरकार राज्यकर्मियों को डबल सरप्राइज दे सकती है, जानिए सैलरी में कितने परर्सेंट बढ़ोतरी होगी

 19 Jan 2021 01:57 PM

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार 2021-22 के बजट में राज्य कर्मचारियों को दो इंक्रीमेंट (वार्षिक वेतन वृद्धि और बकाया महंगाई भत्ता) देने की घोषणा कर सकती है। वित्त विभाग ने महंगाई भत्ता 25% तक करने के हिसाब से तैयार की है। साल 2020 और 21 की वार्षिक वेतनवृद्धि देने की घोषणा भी बजट में की जा सकती है। केंद्र सरकार ने 7वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत दिया जाने वाले महंगाई भत्ते और राहत में वृद्धि को कोरोना महामारी की वजह से स्थगित कर दिया था।

शिवराज सरकार ने भी अप्रैल 2020 से दी जाने वाली 5% की वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया था। साथ ही कर्मचारियों को सालाना वेतनवृद्धि भी नहीं दी गई थी। सूत्रों की मानें तो शिवराज सरकार आगामी बजट में राज्य कर्मचारियों को 25% महंगाई भत्ता और 2 वार्षिक वेतन वृद्धि देने की घोषणा कर सकती है। पेंशनभोगियों की महंगाई राहत कितने फीसदी बढ़ाई जाएगी इसके बारे में अभी कुछ साफ नहीं है।

मध्य प्रदेश सरकार अपने 4.75 लाख नियमित अधिकारियों कर्मचारियों के अन्य कर्मियों का महंगाई भत्ता , साल में 2 बार बढ़ाती है। जुलाई 2019 में महंगाई भत्ता 12% से बढ़ाकर 17% करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसके भुगतान के आदेश मार्च 2020 में जारी हुए। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोरोना संक्रमण के कारण उत्पन्न हुए आर्थिक संकट के कारण सरकार ने इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बीते दिनों राज्य कर्मचारियों को स्पष्ट किया था कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वित्तीय स्थिति बेहतर होते ही सभी लाभ दिए जाएंगे। अब सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभागों को बजट के बाहर से वित्तीय संसाधनों का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। खर्च कटौती पर भी शिवराज सरकार ने जोर दिया है।

वर्तमान में राज्य कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है। यदि साल के 2 इन्क्रीमेंट और जनवरी 2021 की बढ़ोतरी को जोड़ लें तो मध्य प्रदेश के राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 26 प्रतिशत पहुंच जाता है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 1 फीसदी की वेतन वृद्धि देने में सरकार के खजाने पर 112 करोड़ रुपये के करीब अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं।