छह साल का बच्चा भोपाल से पहुंचा इंदौर, अब भोपाल चाइल्ड लाइन ढूंढ रही घर का पता

 24 Jul 2021 09:51 PM

पीपुल्स संवाददाता . भोपाल।  ''अंकल, मुझे इतना याद है कि मेरा घर आशी मॉल (आशिमा मॉल) के पास है और काली मंदिर से थोड़ा दूर है। मम्मी-पापा रोज बहुत झगड़ा करते हैं, उस दिन भी दोनों लड़ रहे थे और पापा ने मुझे घर से निकल जाने को कहा। मैं घर के दरवाजे पर खड़े होकर देख रहा था और मम्मी-पापा लड़ रहे थे। इसके बाद मैं घर से निकल गया। पहले बस स्टैंड गया, लेकिन किसी ने मुझे बस में बैठने नहीं दिया। फिर मैं ट्रेन में बैठ गया। ट्रेन में एक भैया मिले जिन्होंने मुझे उस बड़े शहर (इंदौर) में ट्रेन से उतारा। तब से मैं वहीं रह रहा हूं। मुझे अपने भाई समीर और रोहित की भी बहुत याद आती है। ''

 यह व्यथा एक छह साल के बच्चे की है, जिसके कहे मुताबिक माता-पिता के झगड़े के चलते वह भोपाल से इंदौर पहुंच गया। इंदौर में बच्चा जीआरपी को मिला और वहां की सीडब्ल्यूसी द्वारा भोपाल सीडब्ल्यूसी को स्थानांतरित किया गया। अभी बच्चा सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में है और सिटी चाइल्ड लाइन पिछले दो दिन से उसके घर-परिवार की खोज में लगी है। हालांकि, बच्चा बहुत छोटा है, इसीलिए अपना  प्रॉपर एड्रेस नहीं बता पा रहा है।

 

कंट्रोल रूम के पास के पार्क को पहचाना :

सिटी चाइल्ड लाइन टीम बच्चे की बताई हर संभव जगह उसे लेकर जा रही है। सिटी चाइल्ड लाइन कॉर्डिनेटर राशि असवानी ने बताया कि बच्चे की कहीं भी गुमशुदगी दर्ज नहीं हुई है। बच्चा आशिमा मॉल और उसके आस-पास की जगहों के नाम और रूट बता पा रहा है। वहीं बच्चे से बात कर रहे टीम के सदस्य ने जानकारी दी कि जब बच्चे  के साथ कंट्रोल रूम के पास के पार्क के करीब से गुजरे तो उसने कहा कि वह अपने भाई के साथ रोज यहां रनिंग के लिए आता था। उसने कहा कि वह नीली बस से यहां आया करता था। मामले में खबर लिखे जाने तक परिवार के संबंध में या बच्चे के सही एड्रेस के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी।

 

बच्चे को शेल्टर दिया है

 

अभी बच्चे को शेल्टर दिया है और उसके परिवार को ढूंढने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। परिवार नहीं मिलता है तो बच्चे की तस्वीर के साथ विज्ञापन भी जारी करेंगे। ताकि परिवार से संपर्क हो सके।

-डॉ. कृपाशंकर चौबे, सदस्य, सीडब्ल्यूसी