MP में अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा, पत्रकारों के हित में सीएम शिवराज का बड़ा फैसला

 03 May 2021 03:11 PM

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना से लड़ाई के दौरान प्रदेश के पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर अपने धर्म का निर्वाह कर रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि उनका ध्यान रखा जाएगा और उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। इसलिए सरकार ने कोरोना से लड़ाई के दौरान धर्म निभा रहे अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रदेश के अधिमान्य पत्रकारों को कोरोना फ्रन्ट वारियर घोषित किया है। इस घोषणा से अब पत्रकार भी कोविड-19 योद्धा योजना के दायरे में आएंगे। 

कोरोना संक्रमण के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बड़ी घोषणा की। उन्होंने मध्यप्रदेश के अधिमान्य पत्रकारों को कोरोना का फ्रंट वारियर घोषित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से पत्रकार जान हथेली पर लेकर लगातार कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सड़कों पर उतरे हुए हैं, उसे देखते हुए उनकी सुरक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है और इसीलिए उन्हें सरकार कोरोना फ्रंटलाइन वॉरियर्स का दर्जा दे रही है। इसके चलते अब वे कोविड-19 योजना के सभी लाभ उठा सकेंगे। जिसमें मृत्यु होने पर परिजनों को पचास लाख रू की सहायता देने का प्रावधान है।

इसके साथ ही गैर अधिमान्य पत्रकारों के इलाज की पूरी व्यवस्था करने के साथ सरकार उन्हें वर्तमान में जो भी सहायता राशि दे रही है वह भी जारी रहेगी। प्रदेश के पत्रकार लंबे समय से इस बात की मांग कर रहे थे और संचालक जनसंपर्क आशुतोष प्रताप सिंह से लगातार पत्रकारों ने पत्राचार और सोशल मीडिया के माध्यम से यह मांग की थी कि पत्रकारों को कोरोना के फ्रंट वॉरियर्स का दर्जा दिया जाए।