पहले से अधिक खतरनाक और एग्रेसिव है कोविड का यह स्ट्रेन, जानें क्या कहते हैं भोपाल के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. पीएन अग्रवाल

 17 Apr 2021 11:22 AM

भोपाल। देश सहित प्रदेश में भी कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कोविड स्ट्रेन पहले से अधिक खतरनाक और एग्रेसिव है। इस बार यह रिवॉल्वर की तरह नहीं, बल्कि स्टेनगन की तरह बिहेव कर रहा है। इस दौर में जरा सी असावधानी भी किसी व्यक्ति को संक्रमित करने के साथ ही उसकी जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे में पीपुल्स समाचार की लोगों से अपील है कि कोविड गाइड-लाइन, खासकर मास्क को लेकर कोताही बिल्कुल ना बरतें। हमने भोपाल के सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट एक्सपर्ट इन रेस्पेरेट्री एंड क्रिटिकल केयर डॉ. पीएन अग्रवाल से बात की। पढ़ें उनसे बातचीत के प्रमुख अंश।

बदल गए हैं लक्षण
दो महीने से आया यह स्ट्रेन पहले से अधिक खतरनाक है। पिछले साल वायरस का एक माइल्ड व स्टेबल रूप था, जो एक निश्चित पैटर्न को फॉलो कर रहा था। इस बार यह पूरी तरह बदल गया है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरुआत में इसके गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। करीब 50% लोगों में हल्का बुखार और हल्का बॉडी पेन होता है। ऐसे में लोग अपने डॉक्टर को दिखाकर एंटी बायोटिक ले लेते हैं और बुखार दब जाता है। 5वें से 7वें दिन फिर वायरस अपना पूरा असर दिखाता है। 30% में तेज बुखार के लक्षण नजर आ रहे हैं। लूज मोशन व वॉमिटिंग भी महत्वपूर्ण लक्षण हैं, जो 10% लोगों में नजर आ रहे हैं। करीब 10% में गला खराब, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, कमजोरी जैसे लक्षण आते हैं, जिन्हें लोग मौसम के बदलाव का असर समझ नेगलेक्ट कर देते हैं।

तेजी से फैल रहा संक्रमण
इस बार एक ही परिवार के अनेक लोग एक साथ संक्रमित नजर आ रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि इस बार वायरस पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से और आसानी से फैल रहा है। थोड़ा भी मास्क हटाया या थोड़ा भी केयरलेस हुए, तो तुरंत वायरस बॉडी में आ रहा है और एग्रेसिव हो रहा है। वहीं संक्रमित व्यक्ति में इंफेक्शन फैलाने की क्षमता बेहद बढ़ गई है, ऐसे में लक्षण प्रकट होते तक वह पूरे परिवार को संक्रमित कर रहा है।

लांग प्रोसेस है वैक्सीनेशन
वैक्सीनेशन का मकसद है हर्ड इम्यूनिटी लाना। पहली बार लिमिटेड लोग संक्रमित हो रहे थे। अब यह नंबर बहुत ज्यादा है, इसलिए अब हर्ड इम्यूनिटी आएगी। वैक्सीन की जहां तक बात है, यह अभी बहुत लंबा प्रोसेस है, इसलिए अभी के लिए जरूरी है कि बहुत चौकन्ने रहिए। यदि एक भी दिन माइनर सा भी लक्षण नजर आए तो इग्नोर मत कीजिए। अब यह वायरस बेहद कम मार्जिन दे रहा है। अपने मन से गोली खाकर घर में बैठना नहीं चाहिए।

लंग्स तेजी से हो रहे इन्फेक्टेड
इस बार वायरस लंग्स को भी पहले के मुकाबले अधिक तेजी से प्रभावित कर रहा है। एक दिन का गला खराब होने में ही यह लंग्स तक पहुंचकर नुकसान करना शुरू कर देता है। पांचवें-सातवें दिन लंग्स में चेंजेस आने शुरू होते हैं, यही वजह है कि डेथ का आंकडा भी बढ़ा है। इस बार  टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी सीटी स्कैन में लोग पॉजिटिव आ रहे हैं।

गिनी-चुनी दवाइयों पर निर्भरता
अभी कोविड का इलाज गिनी-चुनी दवाइयों पर निर्भर है। इनमें भी कुछ दवाइयां ऐसी हैं, जिनका बहुत अधिक असर इस बार नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में सतर्कता ही एकमात्र तरीका है, वायरस से लड़ने का।

इन बातों का ध्यान रखें...

  • मास्क बिल्कुल ना उतारें
  • कोविड गाइड लाइन का पूरा पालन करें
  • खूब एक्सरसाइज, योग-प्राणायाम करें
  • वजन ना बढ़ने दें
  • वैक्सीनेशन जरूर करवाएं
  • इम्यूनिटी बढ़ाने पर ध्यान दें
  • लक्षणों को इग्नोर ना करें
  • परेशानी पर डॉक्टर से संपर्क करें