वूमन्स डे : गौरवी की ‘सखी’ कोविडकाल में बनी आत्मनिर्भर, क्राफ्ट मेकिंग की ट्रेनिंग लेकर अपने हुनर को किया लोगों की बीच पेश

 06 Mar 2021 08:22 PM

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भोपाल। कोविडकाल में जहां कई लोग बेरोजगार हो गई तो कहीं कुछ लोगों ने नए व्यवसाय शुरू कर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को पटरी पर लाने का काम किया। इस बीच गौरवी ‘सखी’ से जुड़ी महिलाएं कोरोना संक्रमणकाल के बीच आत्मनिर्भर बनीं और अपनी स्कील्स व टैलेंट को नए आयाम देते हुए विभिन्न विधाओं में ट्रेनिंग लेकर स्वावलंबी बनी। इन्हीं महिलाओं को अपने हुनर को दिखाने का मौका वन स्टॉप सेंटर गौरवी ‘सखी’ ने शनिवार को  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पहले आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के मौके पर दिया। 

गौरवी ‘सखी’ की कोर्डिनेटर शिवानी सैनी ने बताया कि ‘गौरवी (सखी) वन स्टाप सेंटर’ एक्शनएड एसोसिएशन और महिला एवं बाल विकास विभाग मप्र के संयुक्त तत्वाधान में संचालित किया जा रहा है।  गौरवी (सखी) पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान एवं संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए कार्यरत हैं। केन्द्र लगभग 7 सालों से लगातार हिंसा पीड़ित महिलाओं की परामर्श सहायता, कानूनी सहायता और अस्थायी आश्रय की सहायता प्रदान कर रहा है। 

शिवानी सैनी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के कौशल संवर्धन और उनके स्वाबलंबन के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन गौरवी (सखी) वन स्टाप सेंटर द्वारा किया गया, जिसमें लगभग 200 महिलाओं ने भागीदारी की। इस कार्यक्रम में महिलाओं की हिम्मत और उनकी प्रतिभाओं को अन्य महिलाओं के बीच रखा। कार्यक्रम में एडीजी (प्रशिक्षण) अनुराधा शंकर, आईजी (महिला अपराध) दीपिका सुरी, एआईजी इर्विन शाह, महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक स्वाति मीणा उपस्थित हुर्इं। सभी अतिथियों को गौरवी से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि कैसे कोरोना के समय में उनके द्वारा गौरवी (सखी) केन्द्र के द्वारा क्राफ्ट मेकिंग के प्रशिक्षण दिए गये और उसके बाद उन्होंने अपने द्वारा बनाये गये सामानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।