माइक्रोसॉफ्ट से फसल प्रबंधन और स्मार्ट कृषिके लिए करार

 15 Apr 2021 12:54 AM

नई दिल्ली। फसलोपरांत प्रबंधन एवं वितरण सहित स्मार्ट एवं सुव्यवस्थित कृषि के लिए किसान इंटरफेस विकसित करने के लिए छह राज्यों के 10 जिलों में चयनित 100 गांवों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट  आगे आया है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की उपस्थिति में इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन पर बुधवार को हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान और आंध्रप्रदेश के चुने हुए गांवों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जायेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए माइक्रोसॉफ्ट  अपने स्थानीय भागीदार, क्रॉपडेटा के साथ शामिल हुआ है। इस संबंध में श्री तोमर और दोनों राज्य मंत्रियों की मौजूदगी में एमओयू व त्रिपक्षीय विलेख का आदान-प्रदान किया गया। प्रोजेक्ट एक वर्ष के लिए है और एमओयू करने वाले दोनों पक्षकार अपनी स्वयं की लागत से इसका वहन करेंगे। इस प्रोजेक्ट से चयनित 100 गांवों में किसानों की बेहतरी के लिए विविध कार्य होंगे, जो उनकी आय बढ़ाएंगे। ये प्रोजेक्ट किसानों की आदान लागत को कम करेगा तथा खेती में आसानी सुनिश्चित करेगा। देश में वाइब्रेंट डिजिटल कृषि पारिस्थितिक प्रणाली बनाने के लिए अन्य सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के साथ इसी प्रकार के पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य असंगत सूचना की समस्या दूर करके किसानों की आय में वृद्धि करना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से कई नई पहल शुरू की गई हैं।

टेक्नालॉजी से आसान हुआ मनरेगा का काम : तोमर कृषिमंत्री तोमर ने कहा कि सरकार की पारदर्शिता की सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) सहित अन्य योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा कराई जा रही है। मनरेगा भी प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में है। पहले मनरेगा में प्रोग्रेस होती भी थी तो पूछे जाने पर ठीक प्रकार से परिदृश्य को बताना संभव नहीं हो पाता था, पहले इस योजना में अनेक प्रकार की शिकायतें भी आती थी, लेकिन अब टेक्नालाजी का उपयोग किए जाने से मनरेगा का सारा आंकड़ा सरकार के पास उपलब्ध है, जिससे आज मजदूरी की राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में जाती है।