बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक होंगे प्राइवेट

 15 Feb 2021 08:05 PM

मुंबई।  केंद्र सरकार अगले कुछ महीनों में चार बैंकों को प्राइवेट करने जा रही है। इनमें तीन छोटे बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक हैं, वहीं बैंक ऑफ इंडिया देश में छठवें नंबर का बैंक है। 

जानें किस बैंक की कितनी है मार्केट कैपिटल :
बैंक ऑफ इंडिया की देश में छठवीं  रैंकिंग है, इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 19 हजार 268 करोड़ रुपए है और 5089 शाखाएं हैं। सेंट्रल बैंक का मार्केट कैप करोड़ 8 हजार 190 करोड़ रुपए है और इसकी 4969 शाखाएं हैं। इंडियन ओवरसीज और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का मार्केट कैप क्रमश: 18 हजार करोड़ और 10 हजार 443 करोड़ है। इंडियन ओवरसीज बैंक की देश में 3800 और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 1874 शाखाएं हैं। 

सरकार की नीति बदली: 
मोदी सरकार देश में कुछ ही बड़े बैंक चलाने के पक्ष में है। माना जा  रहा है कि बैंकों का प्राइवेटाइजेशन इसी तरफ बढ़ा कदम है। बड़े बैंक बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने 23 बड़े बैंकों का विलय भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा और कैनरा बैंक में किया है। सरकार बड़े बैंकों में अपनी ज्यादातर हिस्सेदारी रखेगी, ताकि उसका नियंत्रण बना रहे। सरकार ने बड़े पैमाने पर बैंकों में सुधार करने की योजना बना रही है। सरकार इन बैंकों को  एनपीए से भी निकालना चाहती है। 

राजनीतिक दल बचते रहे :
सरकारी बैंकों को निजी बैंक बनाने से राजनीतिक दल बचते रहे हैं, क्योंकि इसमें लाखों कर्मचारियों की नौकरियों पर भी खतरा रहता है। बैंकों के विलय और निजीकरण का विरोध भी कर्मचारी यूनियन ने जम कर किया है। वैसे सरकार यह पहले ही कह चुकी है कि बैंकों को कम करने या निजी करने की स्थिति में कर्मचारियों की नौकरी नहीं जाएगी।