बिटकॉइन की उड़ान जारी, 38 लाख रुपये का हुआ 1 सिक्का

 18 Feb 2021 07:08 PM

वॉशिंगटन।बिटकॉइन की तेज उड़ान लगातार जारी है। इसकी तेजी का कारण एलन मस्क की कंपनी द्वारा इसमें निवेश भी बताया जा रहा है। बुधवार को इसकी कीमत 52,000 डॉलर पहुंच गई थी। गुरुवार को यह कीमत 51,737 डॉलर (करीब 38 लाख रुपये) रही। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही बिटकॉइन पहली बार 50,000 डॉलर के पार गया था। बुधवार को इसने 52,577.50 डॉलर के स्तर को छू लिया, हालांकि बाद में यह 6.3 फीसदी की तेजी के साथ 52,233 डॉलर पर बंद हुआ। बिटकॉइन वायदा से पता चला है कि व्यापारियों को क्रिप्टो रैली अभी थमने वाली नहीं है।

आप बिटकॉइन को क्रिप्टो एक्सचेंज से या सीधे किसी व्यक्ति से आॅनलाइन (पियर-टू-पियर) खरीद सकते हैं। दूसरे वाला माध्यम खासा जोखिम भरा है और इसे धोखेबाज भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके एक्सचेंज भी किसी तरह के नियमन से नियंत्रित नहीं होते लेकिन भारत में इन्हें दीवानी और आपराधिक कानूनों के दायरे में रखा गया है, जैसे कांट्रैक्ट एक्ट, 1872 तथा भारतीय दंड संहिता, 1860। इनमें निवेश करने से पहले जांच लें कि एक्सचेंज का पंजीकृत पता कहां है और वह भारतीय कानून के अधीन निगमित है या नहीं। कुछ एक्सचेंज केवाईसी और एंटी मनीलॉड्रिंग प्रक्रियाओं का भी पालन करवाते हैं।

बिटक्वाइन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बन चुकी है। इसका एमकैप करीब 350 अरब डॉलर है।  इसे 2009 में आर्थिक संकट के दौर में लॉन्च किया गया था। इस आभासी मुद्रा की सबसे रोचक बात यह है कि इसका हिसाब-किताब हजारों कंप्यूटरों में एक साथ सार्वजनिक लेजर में रखा जाता है। प्रारंभिक रूप से बिटक्वाइन को टेक प्रोफेशनल्स या फ्रीलांसर द्वारा प्रयोग में लाया जाता था जिसमें उन्हें शुरूआती वर्षों में छोटे-छोटे भुगतान किए जाते थे। साल 2017 तक आते-आते तक इसका दाम 20 गुना बढ़ गया और दिसंबर 2017 में इसने 20000 डॉलर (12.6 लाख का भाव) हासिल कर लिया। कोविड पीरियड के बाद इसने फिर तेजी की राह पकड़ी। अब यह पिछला शीर्ष स्तर पीछे छोड़ 13.97 लाख रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच चुका है।