फ्यूचर-रिलायंस के बीच 24,713 करोड़ रुपये के सौदे पर दिल्ली-हाईकोर्ट ने लगाई रोक

 18 Mar 2021 06:32 PM

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगापुर के मध्यस्थ के आदेश को बरकरार रखते हुए अमेजन की याचिका पर फ्यूचर रिटेल के रिलायंस के साथ सौदे पर रोक लगा दी है। यह सौदा 24,713 करोड़ रुपये में हुआ था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि फ्यूचर ग्रुप ने जानबूझकर मध्यस्थ के आदेश का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में किशोर बियानी और फ्यूचर ग्रुप से संबंधित संपत्तियां कुर्क करने का आदेश दिया। कोर्ट ने फ्यूचर ग्रुप को पीएम रिलीफ फंड में 20 लाख रुपए जमा कराने के आदेश भी दिए ताकि वरिष्ठ नागरिकों (बीपीएल श्रेणी) को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई जा सके। 
क्या है मामला :
अमेजन ने अगस्त 2019 में  फ्यूचर समूह की गैरसूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर कूपंस लिमिटेड की 49% हिस्सेदारी खरीदने का एक करार किया था। फ्यूचर कूपंस के पास फ्यूचर समूह की बीएसई में सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल की 7.3% हिस्सेदारी है। अमेजन ने फ्यूचर के साथ यह भी करार किया था कि वह 3 से लेकर 10 साल के बीच सूचना डिटेल्स को भी खरीद सकती है। 29 अगस्त 2020 को फ्यूचर समूह ने रिलायंस के साथ अपने करार घोषणा जिसमें उसने अपने खुदरा और थोक व्यवसाय को रिलायंस रिटेल को बेचने का करार कर लिया था। रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ उसका यह करार 24,713 करोड़ रुपए का है। अमेजन ने इसके खिलाफ अक्टूबर 2020 में सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय पंचाट केंद्र में एक सदस्यीय आपातकालीन पीठ के समक्ष चुनौती दी। अमेजन ने आरोप लगाया कि रिलायंस के साथ कारोबार बेचने का करार कर फ्यूचर में उसके साथ अनुबंध की अवहेलना की है।